एशिया की सबसे सुरक्षित जेलों में से एक तिहाड़ से दो कैदियों के भागने की घटना ने पूरे देश को भले ही झकझोर दिया हो, लेकिन इस घटना के पीछे असल कारण तिहाड़ के वास्तु में आए परिवर्तन को माना जा रहा है।
यह बात सुनने में भले ही अजीब लगे लेकिन तिहाड़ के कुछ पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अगर जेल के अंदर के वास्तु के साथ छेड़छाड़ न होती तो ऐसी घटनाएं होती ही नहीं।
असल में तिहाड़ की पूर्व डायरेक्टर जनरल विमला मेहरा ने कुछ ज्योतिषों की सलाह पर जेल में नवग्रह वाटिका का निर्माण कराया था। माना जाता है कि इस वाटिका के निर्माण के बाद से जेल परिसर में सकारात्मक उर्जा का संचार होता था।
नवग्रह वाटिका हटवाने के बाद बिगड़ा माहौल
लेकिन वर्तमान डीजी ने इसे फिजूल खर्ची माना और खत्म करने का निर्णय लिया। इसका नतीजा पूरे देश के सामने है। तिहाड़ के 50 सालों के इतिहास में छठवीं बार किसी कैदी ने जेल तोड़ कर भागने का कोशिश की और उसमें सफल भी हुआ।
पुर्व डीजी विमला मेहरा ने नवग्रह वाटिका में नौ पेड़ लगवाए थे। इन्हें नौ ग्रहों का प्रतिरुप माना जाता था। अधिकारियों की मानें तो परिसर में ज्यादा सकारात्मक उर्जा फैलाने के लिए इस वाटिका में उन्होंने दो और पेड़ लगाये गये थे।
लेकिन मौजूदा डायरेक्टर जनरल आलोक वर्मा को यह सरकारी पैसे का दुरउपयोग लगा और उन्होने इस ग्रह समान संरचना को जेल परिसर से हटवा दिया। कुछ अधिकारीयों का मानना है कि उसी दिन से जेल मे दुर्घटनाएं बढ़ गई हैं।
वाटिका का फिर से किया जाए निर्माण
इसके बाद से जेल में लगातार मोबाइल के प्रयोग, दंगा फसाद जैसी घटनांए सामने आ रही हैं। पहले तो सभी ने इसे अनदेखा किया लेकिन जेल से कैदी के भागने की घटना ने कुछ अधिकारियों को इस बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया।
इस घटना के बाद जेल से जुड़े कुछ अधिकारियों ने फैसला किया है कि वह डीजी से मिलेंगे और नवग्रह वाटिका को दोबारा से बनवाने और उसे व्यवस्थित करने के लिए गुहार लगाएंगे।