नए साल से मेट्रो और बस यात्रियों को दोनों जगह एक ही कॉर्ड (कॉमन मोबिलिटी कॉर्ड) से किराए के भुगतान की सुविधा मिलेगी। सरकार का यह दावा अच्छा तो है, इसका फायदा भी आम लोगों को मिलेगा, मगर सरकार के दावों को अमलीजामा पहनाना इतना आसान नहीं है।
दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाले परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो सब कुछ तैयार है, लेकिन अभी तक क्लस्टर बसों को सैम (सिक्योरड एक्सेस मॉड्यूल) चिप को खरीदने का ऑर्डर नहीं हुआ है।
अधिकारी के मुताबिक, दिल्ली परिवहन निगम की बसों को उन्हें पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर इलेक्ट्रोनिक टिकटिंग मशीन (इटीएम) उपलब्ध कराने वाली कंपनी सैम चिप उपलब्ध करा रही है।