तुरंत शिकायत करने वाले का बच जाता है पैसा
डीसीपी प्रशांत गौतम ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने ये जो लोगों की भारी भरकम रकम बचाई है वह तुरंत शिकायत करने पर बची है। अगर पीड़ित तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत कर देता हैं तो जांच करके पता लगा लिया जाता है कि पीड़ित का पैसा कहां तक पहुंचा है। जालसाजी ठगी की रकम को कुछ ही देर में कई बैंक खातों में ट्रांफसर कर लेते हैं। ऐसे में समय से सूचना मिलने पर पुलिस बैंक को अलर्ट कर देती और बैंक उस रकम को ब्लाॅक कर देती है।
पुलिस को हर रोज मिलती हैं 650 कॉल
डीसीपी प्रशांत गौतम ने बताया कि हेल्पलाइन नंबर 1930 पर प्रत्येक दिन वित्तीय ठगी की 650 के करीब कॉल आती हैं। हालांकि इनमें से करीब 100 कॉल ही नई व काम की होती है। बाकी कॉल पीडि़त अपने केस के स्टेटस का पता करने के लिए करता है।
रेस्पांस टाइम कम करने पर दिया जा रहा जोर
आईएफएसओ हेल्पलाइन का रेस्पांस टाइम करने पर जोर दे रही है। पुलिस 10 से 12 मिनट टाइम करना चाहती है। पीडि़त जब हेल्पलाइन पर कॉल करता है तो कई बार उसे लाइन खाली नहीं मिलती। ऐसे में काफी देर हो जाती है। इस स्थिति में पीड़ित का पैसा जालसाजों के जेब में जाने की संभावना बनी रहती है। इस लिए हेल्पलाइन की लाइनें बढ़ाई जा रही है। डीसीपी प्रशांत गौतम ने बताया कि पूरी जानकारी लेने के लिए अलग टीम बनाई जा रही है।
31224 लोगों का बचाया है 164 करोड़
अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने अप्रैल, 2021 से अभी तक की अवधि में 163,84,92,926 बचाए हैं। पुलिस ने इस अवधि में 31224 लोगों ने पुलिस की हेल्पलाइन पर कॉल की थी। इनमें ज्यादातर पीडि़त दिल्ली के रहने वाले हैं।