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जामिया : तोड़फोड़ व लाठीचार्ज मामले की कमेटी करेगी जांच, रजिस्ट्रार ने गठित की दो टीम 

Sat, 28 Dec 2019 09:11 PM IST
Avdhesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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जामिया - फोटो : अमर उजाला
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जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में 15 दिसंबर को पुलिस द्वारा बिना अनुमति कैंपस में घुसकर लाइब्रेरी में की गई तोड़फोड़ और लाठीचार्ज मामले की जांच अब कमेटी करेंगी। जामिया प्रशासन ने मामले की जांच के लिए दो कमेटी गठित की हैं। एक कमेटी वीडियो, फोटो, डिजिटल डिवाइस, जख्मी छात्रों की मेडिकल रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्य जुटाएगी। जबकि दूसरी कमेटी साक्ष्यों का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करेगी। 
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रजिस्ट्रार (आईपीएस) एपी सिद्दीकी के मुताबिक, इस पूरे मामले को लेकर पहले ही जांच चल रही है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन भी अपने स्तर पर जांच करना चाहता है। इसलिए दो कमेटी गठित की गई है। पहली कमेटी एमएनए चौधरी की अध्यक्षता में गठित की गई है। नौ सदस्यीय कमेटी में रजिस्ट्रार एपी सिद्दीकी, प्रो एम असदुद्दीन, प्रो. यूएस खान, प्रो. मेहताब आलम, प्रो. अल्यास हुसैन, प्रो. अर्चना देसाई, प्रो. मुकेश रंजन व डॉ. अब्दुल मलिक को सदस्य बनाया गया है। यह कमेटी साक्ष्यों के अध्ययन के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगी। 

दूसरी कमेटी में डीन ऑफ स्टूडेंट, वेलफेयर कमेटी के संयोजक रहेंगे। पंद्रह सदस्यीय कमेटी में सभी विभागों के डीन, सभी चीफ प्रोक्टर, जामिया शिक्षक संघ के सचिव, जामिया जनसंपर्क अधिकारी, जामिया प्रशासनिक कर्मचारी संघ के सचिव, जामिया स्कूल शिक्षक संघ के सचिव, एसआरके एसोसिएशन के महासचिव, जामिया पूर्व छात्रसंघ के अध्यक्ष व लड़के व लड़कियों के हॉस्टल के प्रोवोस्ट को सदस्य बनाया गया है। इस कमेटी का काम साक्ष्य जुटाना रहेगा। 
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कमेटी इन बिंदुओं पर रखेगी फोकस: 

- लाठीचार्ज व तोड़फोड़ में घायल छात्रों की संख्या और उनकी मेडिकल रिपोर्ट एकत्रित करना। 
- जख्मी छात्रों और गवाहों के बयानों को लिखित में तैयार करना। 
- पूरी घटना के वीडियो व फोटो को दस्तावेज के रूप में एकत्रित करना। 
- घटना के अगले दिन यानी 16 दिसंबर को विश्वविद्यालय से संबंधित फैसले लेने वाली संस्था एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में पास प्रस्ताव की रिपोर्ट बनाना। 
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- विश्वविद्यालय कैंपस को हंगामा व धरना से दूर करते हुए कक्षाओं व प्रशासनिक कामकाज को दोबारा शुरू करवाना 
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