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मां-बहन से मिलकर लौटा था कॉलेज, हॉस्टल से कूदकर जान दी

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नॉलेज पार्क स्थित एनआईईटी कॉलेज के हॉस्टल से बुधवार सुबह बीटेक के छात्र ने कूदकर आत्महत्या कर ली। मौके से कोई सुइसाइड नोट नहीं मिलने से कारणों को पता नहीं चल पाया है।
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फिलहाल, पुलिस छात्र के फेसबुक अकाउंट और मोबाइल की जांच करके कारणों को पता लगाने का प्रयास कर रही है। पुलिस के अनुसार, मूलत: बिहार, मुजफ्फरपुर, चंद्रलोक चौक निवासी मोहित (19) ने बीटेक प्रथम वर्ष में दाखिला लिया था।

कॉलेज में दाखिले के बाद सितंबर से उसने कक्षा लेनी शुरू कर दी थी। शनिवार को छुट्टी होने से मोहित दिल्ली निवासी मामा के घर गया था। वहां से मंगलवार को कॉलेज वापस लौटा था। रूम पार्टनर ने पुलिस को बताया है कि वह कुछ उदास था और ठीक से बात भी नहीं कर रहा था।
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हॉस्टल से कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया

रात करीब 12 बजे वह सो गया था। बुधवार सुबह करीब पौने सात बजे मोहित ने हॉस्टल से कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया। मैस की छत पर गिरकर वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

मैस कर्मचारियों और वार्डन ने उसे कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया। करीब तीन घंटे तक मोहित को वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन अंत में उसने दम तोड़ दिया।

हॉस्टल के बाथरूम में बने एक वेंटिलेटर से मोहित के कूदने का कॉलेज प्रशासन ने दावा किया है। अगर कॉलेज की ही माने तो हॉस्टल के सभी बाथरूम के वेंटिलेटर की विंडो टूटी हुई है जिससे छात्र आसानी से निकल सकते हैं।

छात्र पर कोई प्रतिबंध या डांट-फटकार नहीं लगाई गई थी

अगर कॉलेज प्रशासन इन सभी बारीकियों पर नजर रखता तो शायद मोहित की जान बच सकती थी। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने कहा है कि वह फिर से पूरे संस्थान की जांच करके और खामियां दूर की जाएंगी। छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए सुरक्षा गार्ड को भी अलर्ट किया जाएगा।

एनआइईटी कॉलेज के डायरेक्टर अजय कुमार ने बताया कि संस्थान के स्तर पर उन्होंने सात सदस्यीय टीम गठित की है, जिसकी प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कॉलेज की ओर से छात्र पर कोई प्रतिबंध या डांट-फटकार नहीं लगाई गई थी।

इसके अलावा उसके सहयोगियों व छात्रों से भी बात की गई है, लेकिन कोई कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। मोहित पढ़ाई में काफी अच्छा था और उसकी कॉलेज में उपस्थिति भी काफी अच्छी थी।
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मां से मिलकर लौटा था कॉलेज

शिक्षक भी उसे काफी पसंद करने लगे थे, लेकिन वह चुपचाप सा रहता था। उन्होंने बताया कि रैगिंग को पूरी तरह रोकने के लिए बीटेक प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए अलग से क्लासरूम और हॉस्टल बना रखे हैं।

एक साल तक प्रथम वर्ष का छात्र सीनियर से अलग रहता है। इसके अलावा उस कैंपस में किसी भी सीनियर की एंट्री नहीं है। मोहित के पिता बिजनेसमैन हैं।

मोहित की मां और बहन दोनों दिल्ली आई हुई थीं और उनसे मिलकर मंगलवार को ही मोहित कॉलेज भी लौटा था। बुधवार सुबह जब परिजनों को इस घटना के बारे में पता लगा तो कुछ समय बाद ही वह दिल्ली से ग्रेनो आ गए। मां और बेटी के अलावा परिवार के अन्य लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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