इकलाख हत्याकांड के बाद हुए बवाल में दस आरोपी युवकों के जेल जाने के बाद परिवार के लोग खामोश हैं। इस बार दशहरा मनाने को लेकर ग्रामीण मौन हैं।
उनका कहना है कि बिना जांच किए ही गांव के निर्दोष युवकों को जेल भेज दिया। ऐसे में कैसा दशहरा और कैसी दीपावली। दादरी के जारचा थाना क्षेत्र के बिसाहड़ा गांव में इकलाख की हत्या के बाद हुए तनाव को सामान्य करने के लिए प्रशासन ने हर स्तर पर बैठक की।
कुछ लोग नामजद किए गए युवकों को निर्दोष होने की बात करते हुए जांच कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से भी मिले थे। पुलिस अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।