चुनौती नंबर - 1
गौरव चंदेल ब्लाइंड मर्डर का खुलासा
6 जनवरी को गुरुग्राम की कंपनी से लौटने के दौरान गौड़ सिटी-1 निवासी सेल्स मैनेजर गौरव चंदेल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बदमाशों ने गौरव की कार, लैपटॉप और मोबाइल भी लूट लिया था। वारदात के बाद ग्रेनो वेस्ट के लोगों में आक्रोश है। लगातार धरना प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदेश सरकार ने गौरव चंदेल के परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद की है। लेकिन सात दिन बाद भी पुलिस गौरव के हत्यारोपियों व लूटी गई कार, मोबाइल व लैपटॉप का सुराग नहीं लगा पाई है। इस घटना में पुलिस पर लापरवाही के भी गंभीर आरोप लगे हैं। इस वारदात का खुलासा कमिश्नर प्रणाली की पहली चुनौती है।
चुनौती नंबर - 2
साइबर अपराध पर अंकुश
जिले में फर्जी कॉल सेंटर की भरमार है। यहां बैठकर साइबर ठग देश-विदेश के लोगों को ठगी करते हैं। कई बार पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटरों का खुलासा किया है। लेकिन इसके बावजूद लगातार साइबर अपराध के मामले सामने आ रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि जितनी तेजी से यहां साइबर अपराध बढ़ रहें हैं, उनका खुलासा उतनी ही सुस्ती से हो रहा है। साइबर अपराध पर अंकुश और अपराधियों का खुलासा भी कमिश्नर प्रणाली के लिए बड़ी चुनौती होगी।
चुनौती - 3
भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाने वाले अपराधियों पर लगाम
गौतमबुद्ध नगर में रास्ते में लूटपाट कर फरार होने के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। यहां चारों और खुले रास्ते हैं, जिन पर बैरिकेड लगाने से कोई लाभ नहीं होता। बदमाश सेक्टरों के रोड व सर्विस रोड का इस्तेमाल कर फरार हो जाते हैं। अक्सर बाइक व कार सवार यहां राहगीरों से लूटपाट करते हैं। लिफ्ट देकर लूटपाट, कार लूटने व रेकी करने वाले बदमाश भी ऐसे हालातों का लाभ उठाते हैं।
चुनौती -4
यातायात व्यवस्था में सुधार
गौतमबुद्ध नगर में यातायात व्यवस्था में सुधार भी कड़ी चुनौती है। यहां कई स्थानों पर जाम लगता है। यहां तक की परी चौक को भी जाम से कई प्रयास के बावजूद मुक्ति नहीं मिल पाई है। वहीं, यातायात नियम तोड़ने वालों की भी भरमार है।
ये नए काम जल्द होने की उम्मीद
- सीसीसीटी से लैस होंगे मुख्य मार्ग व चौराहे
- दिल्ली जैसी हो सकती है यातायात व्यवस्था
- अनसुलझी वारदात के खुलासे में आएगी तेजी
- प्रदेश के सबसे बड़े फर्जीवाड़े के फरार आरोपियों की गिरफ्तारी