कृत्रिम तालाबों में हुआ विसर्जन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारों के बीच शुक्रवार को दिल्ली में गणेशोत्सव का समापन हुआ। राजधानी के अलग-अलग मंदिरों, पूजा पंडालों, बाजारों और आवासीय सोसायटियों में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और गणपति प्रतिमाओं को भावुक विदाई दी। ढोल-बाजे और भजनों के बीच निकली विसर्जन यात्राओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
झंडेवाला देवी मंदिर में सुबह 10 बजे आरती के बाद गणपति प्रतिमा की शोभायात्रा निकाली गई। बैंड-बाजे के साथ शोभायात्रा पास के पार्क में बनाए गए विशेष ताल तक पहुंची, जहां प्रतिमा का विधिवत विसर्जन किया गया। गणेश चतुर्दशी पर दिल्ली के विभिन्न इलाकों में सुबह से ही गणपति पूजा के लिए श्रद्धालु जुटे। मंदिरों के अलावा कॉलोनियों, बाजारों और सोसायटियों में भी स्थापित गणपति प्रतिमाओं की विशेष पूजा की गई। इसके बाद स्थानीय स्तर पर शोभायात्राएं निकालकर प्रतिमाओं को निर्धारित विसर्जन स्थलों और कृत्रिम तालाबों तक ले जाया गया। विसर्जन से पहले श्रद्धालुओं ने गणपति की आरती की और अगले वर्ष फिर उनके आगमन की कामना की। शोभायात्राओं में कहीं ढोल-नगाड़े बजते रहे तो कहीं श्रद्धालु भजनों पर झूमते नजर आए। प्रतिमा विसर्जन के दौरान ‘गणपति बप्पा मोरया’ और ‘अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारे गूंजते रहे।