ढाक की थाप पर दुर्गा स्तुति, रवीन्द्र संगीत और धुनुची नृत्य ने बांधा समां
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सचिवालय में बुधवार को बांग्ला दिवस और पोइला बैसाख के मौके पर सांस्कृतिक उत्सव आयोजित हुआ। कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने बंगाली समाज को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बंगाल ने देश को संस्कृति, शिक्षा और राष्ट्रवाद की नई दिशा दी है।
बांग्ला दिवस और बंगाली नववर्ष पोइला बैसाख के अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल की कला, संगीत और लोक परंपराओं की शानदार झलक देखने को मिली। कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने दिल्ली सरकार की ओर से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बंगाल का देश के स्वतंत्रता आंदोलन, शिक्षा, विज्ञान, साहित्य, कला और सिनेमा में बड़ा योगदान रहा है। बंगाल के लोगों ने दिल्ली के विकास में भी अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक भारत श्रेष्ठ भारत संकल्प और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली में सभी राज्यों के दिवस मनाए जा रहे हैं, ताकि देश की विविध सांस्कृतिक पहचान को सम्मान मिल सके। बंगाल भारत के सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी आंदोलन का केंद्र रहा है। रवीन्द्रनाथ टैगोर ने देश को राष्ट्रगान दिया, जबकि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम् दिया। सुभाष चंद्र बोस, स्वामी विवेकानंद और राजा राममोहन राय जैसे महान व्यक्तित्वों ने देश को नई दिशा दी।
ढाक की थाप पर दुर्गा स्तुति ने मंत्रमुग्ध किया : कार्यक्रम में रवीन्द्र नाट्यम, रवीन्द्र संगीत, बाउल संगीत, झुमैर नृत्य और धुनुची नृत्य की प्रस्तुति हुई। ढाक की थाप पर दुर्गा स्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। करीब 22 कलाकारों ने मंच पर प्रस्तुति दी। ये आयोजन कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग की ओर से साहित्य कला परिषद ने कराया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।