निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली की फांसी को उम्रकैद में बदलने वाले जनहित याचिका पर सुनवाई को लेकर डासना जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद सुरेंद्र कोली की बेचैनी फिर बढ़ गई है।
सोमवार को हाईकोर्ट पीआईएल पर अपना फैसला सुना सकती है। बैरक में बंद सुरेंद्र कोली ने रविवार को काफी बेचैन रहा। कभी वह गीता पढ़ता और कभी खुद ही बड़बड़ाता हुआ बैरक में टहलने लगता।
कोली ने अपने केस से संबंधित कागजों की फाइल को भी कई-कई बार उलटा। जेल प्रशासन के अनुसार सुरेंद्र कोली अपना ज्यादातर समय महात्मा गांधी की आत्मकथा और गीता पढ़ने के साथ-साथ अपने केस से संबंधित दस्तावेजों को भी पढ़ रहा है।
बता दें कि पीपुल्स यूनियन फॉर डेमोक्रेटिव राइट (पीडीयूआर) ने हाईकोर्ट में एक पीआईएल दाखिल कोली की फांसी को उम्रकैद में बदलने की मांग की है।