बुद्ध के जरिये संगठित होने का पढ़ाया पाठ
जातिवाद, भाषावाद, नक्सलवाद, आतंकवाद देश की एकता और विकास में बाधक हैं। भगवान बुद्ध के तीन सूत्र धम्मं शरणं गच्छामि, संघम शरणं गच्छामि, बुद्धम शरणं गच्छामि को अपनाने से देश संगठित रहेगा। यह बात प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के अवसर पर ओरिएंटेशन कार्यक्रम में विद्यार्थियों से कही। इस मौके पर योगी एक घंटे छह मिनट तक विद्यार्थियों से मुखातिब हुए।
जीबीयू का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि दक्षिण एशिया में भगवान बुद्ध का प्रभाव है। ऐसे में चीन जैसे देश अपने यहां बड़ा केंद्र बनाकर बौद्ध संस्कृति पर रिसर्च जैसे कार्य कर रहे हैं। जबकि लुंबिनी में बुद्ध की जन्मस्थली के बावजूद देश में कोई बड़ा केंद्र नहीं है। जीबीयू विद्या का केंद्र बनकर बौद्ध ज्ञान से पूरी दुनिया को संदेश दे सकता है। यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करते हुए उन्होंने कहा कि जीबीयू में आपार संभावनाएं हैं जो आतंकवाद से झुलसती दुनिया को भारत की ओर से मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
किसानों को उचित मुआवजे का आश्वासन
नोएडा एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण में किसानों के मुआवजे में सहमति का पेच फंसा हुआ है। किसानों की मांगों के कारण जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने 68 किसानों से मुख्यमंत्री की अलग बैठक कराई जिसमें किसानों ने अपनी मांग रखी। मुख्यमंत्री ने उन्हें उचित मुआवजे का आश्वासन दिया।