कोतवाली पुलिस बोली, झूठी थी सूचना
इस संबंध में बिसरख कोतवाली प्रभारी अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि यूपी-100 पर तैनात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे थे। कोतवाली पुलिस भी मौके पर गई थी। युवती और तीनों को कोतवाली लाया गया। युवती के साथ मौके पर उसका चाचा भी मौजूद था, युवती की मां को भी कोतवाली बुला लिया गया था।
पूछताछ में पता चला कि यूपी-100 पर दुष्कर्म की कोशिश की झूठी सूचना दी गई थी। इसके चलते मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। सभी को कोतवाली से वापस भेज दिया गया।
पीड़ित पक्ष को बुलाकर जांच करेंगे सीओ
इस मामले में कोतवाली पुलिस ने जानकारी दी है कि पीड़ित पक्ष ने कोई तहरीर नहीं दी। इसलिए इस मामले की जांच सीओ ग्रेटर नोएडा तृतीय अवनीश कुमार सौंपी गई है। सीओ पीड़िता युवती व उसकी मां को पुन: बुलाकर पूछताछ करेंगे। अगर पीड़ित पक्ष मामले में कोई तहरीर देता है, तो कार्रवाई की जाएगी। - आशीष श्रीवास्तव, एसपी देहात
पुलिस के कार्रवाई न करने पर उठे ये सवाल
- अगर आश्रम में युवती से दुष्कर्म की कोशिश नहीं की गई तो यूपी-100 ने ट्वीट क्यों किया
- अगर पीड़िता से दुष्कर्म की कोशिश नहीं हुई तो, उसने खुद को कमरे में बंद कर पुलिस को सूचना क्यों दी
- कोतवाली पुलिस के मुताबिक झूठी सूचना दी गई थी तो आखिर क्यों
- अगर सूचना झूठी थी तो इस बात को पीड़िता ने लिखकर क्यों नहीं दिया
- युवती को आश्रम में लेकर पहुंचने का मकसद क्या था