लोकसभा चुनाव के बाद कैबिनेट की पहली बैठक मंगलवार को लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें गौतमबुद्धनगर में जेवर के निकट नोएडा इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के डवलपर चयन के लिए बिड डाक्यूमेंट को मंजूरी दे दी गई। इससे विकासकर्ता चयन के लिए ग्लोबल टेंडर का रास्ता साफ हो गया। सरकार ने 30 मई को ग्लोबल टेंडर फ्लोट करने का निर्णय लिया है।
कैबिनेट निर्णय की जानकारी राज्य सरकार के प्रवक्ता और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने दी। सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार के सहयोग से जेवर एयरपोर्ट को टेंडर स्थिति तक न्यूनतम समय में पहुंचाने में सफलता हासिल की है।
सामान्य तौर पर इस प्रक्रिया तक पहुंचने में 7-8 वर्ष लगते हैं। योगी सरकार ने यह दो वर्ष से भी कम समय में पूरी किया है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग क्रियान्वयन कमेटी द्वारा संस्तुत बिड (आरएफ क्यू कम आरएफ पी) डॉक्यूमेंट और ड्राफ्ट कंसेशन एग्रीमेंट डॉक्यूमेंट को मंजूरी दे दी है।
मंत्री ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एनआईएएल) द्वारा ग्लोबल टेंडर की कार्रवाई पीएमआईसी द्वारा प्रस्तावित टाइम लाइन के अनुसार करने का भी अनुमोदन दे दिया है। एयरपोर्ट की स्थापना पीपीपी मॉडल पर होगी। इसके विकासकर्ता के चयन के लिए ग्लोबल टेंडर 30 मई को फ्लोट किया जाएगा।
इसमें पूरी दुनिया से डवलपर शामिल होंगे। छह महीने में टेंडर से जुड़ी प्रक्रिया पूरी कर जनवरी 2020 तक विकासकर्ता का चयन कर लिया जाएगा। इसके बाद निर्माण से जुड़ी कार्यवाही शुरू हो जाएगी। वहीं सरकार ने 894 करोड़ पुनर्वासन और व्यवस्थापन के लिए मंजूर कर दिया है।