उम्र के ढ़लान पर बहुत कम लोग परिस्थितियों को चुनौती दे पाते हैं, और बात अगर शासन और प्रशासन की हो तुम हिम्मत टूट जाती है। लेकिन इस शख्स ने मांगा सीएम से जवाब।
सीएम साहब, पिछले बीस साल से रोहतक, चंडीगढ़, गुड़गांव व फरीदाबाद के पंचायत विभाग के अधिकारियों की हाजिरी लगाते हुए जवानी से बुढ़ापा आ गया लेकिन किसी ने मेरी जमीन का रकबा पूरा नहीं किया।
धक्के खाते-खाते अब मैं शारीरिक, मानसिक व आर्थिक रूप से बिल्कुल टूट चुका हूं। कृपया मुझे न्याय दिलाने का कष्ट करें...। ये दर्द भरा पत्र है बल्लभगढ़ के जवां गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक किशन सिंह का, जो उन्होंने सीएम विंडो के जरिए मुख्यमंत्री को भेजा है।
किशन सिंह ने कहा कि पूर्वजों के समय वर्ष 1954 में गांव की चकबंदी हुई थी। उस दौरान पंचायत विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही से उनकी जमीन का रकबा कम हो गया।