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PM से बोले CM- पुरानी सरकार में था घोटाला, मिलकर करेंगे काम

Mon, 31 Aug 2015 07:28 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बिजली सस्ती करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साथ मांगा है। उन्होंने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार महंगी बिजली खरीद के लिए 30 साल का समझौता कर चुकी है।
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इसलिए बिजली महंगी मिल रही है। केंद्र के पास समझौतों को रद्द करने का अधिकार है। उन्होंने प्रधानमंत्री से इसमें दखल देने की अपील करते हुए कहा कि यह एग्रीमेंट रद्द करने और सस्ती बिजली खरीदने का अधिकार दिल्ली को दें।

ताकि, हम सस्ती बिजली खरीद सकें। एग्रीमेंट रद्द हो गया तो अभी तो बिल आधे किए हैं, यह और आधे हो जाएंगे। मुख्यमंत्री  वेस्ट विनोद नगर में  विवाद समाधान योजना का शुभारंभ करने केमौके पर बोल रहे थे।
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उन्होंने कहा कि जो करीब 2500 मेगावाट बिजली बाहर से खरीदी जाती है, उसके लिए पुरानी सरकार 5.5 रुपये प्रति यूनिट खरीद का समझौता कर गई है।

250 रुपए में निपट जाएंगे मामले

जबकि देश में तमाम कंपनियां ढाई-तीन रुपये यूनिट देने को तैयार है। हम साढ़े पांच रुपये यूनिट क्यों खरीदें? हम 5.5 रुपये मेगावाट की कीमत पर बिजली खरीद रहे हैं तो गलत कर रहे हैं।

उन्होंने स्कीम की चर्चा में कहा कि झुग्गी वालों को एक लाख रुपये का बिल आ गया तो वो चक्कर ही काटेगा। अब पुराने मामले 250 रुपये महीने में निपट जाएंगे।

पुराना सारा ठीक हो गया, भविष्य में बिजली के बिल आधे रहेंगे तो तंगी नहीं होगी। बिजली चोरी के मामले भी लेट चार्ज मार्फ, बिल एक तिहाई तो करीब-करीब 80 फीसदी छूट हो गई।

ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाएं। बिजली कंपनी वालों से अनुरोध है कि जो झूठे केस बनाते थे, उन्हें प्रशिक्षित करें। लाइन लंबी लगेगी तो कंपनी ज्यादा काउंटर बनाएं।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि जहां से समाधान योजना शुरू की जा रही है, इसी मैदान में हमने बिजली के महंगे बिल, अनाप-शनाप बिल के खिलाफ राजनीतिक सभाएं व आंदोलन किए हैं।
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बिजली गुल होने पर जुर्माना योजना में देरी

49 दिन की सरकार में बिजली कंपनियों की गड़बड़ी की जांच के आदेश दे दिए थे। उसका नतीजा अब निकलने वाला है। सीएजी की जांच के नतीजों के बाद बिजली के दाम और कम हो जाएंगे।

अभी भी आंदोलन चल रहा है, लेकिन बिजली कंपनी और सरकार के लोग एक मंच पर बैठकर जनता के लिए स्कीम बना रहे हैं। हम बिजली कंपनियों के खिलाफ नहीं हैं, हम बेईमानी के खिलाफ हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जो एक घंटा से ज्यादा बिजली गुल होने पर बिजली कंपनी पर जुर्माना लगाने की घोषणा की थी, उसमें अभी कुछ टाइम लगेगा। लेकिन बिजली कंपनी की जिम्मेदारी है कि असुविधा नहीं होनी चाहिए। इस योजना में बिजली कंपनी व सरकार को सिस्टम बनाने में समय लगेगा।

सीएम केजरीवाल के मुताबिक पुरानी सरकार में घोटाले, रिश्वतखोरी व भ्रष्टाचार होता था। हमारे यहां भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी व चोरी-चकारी नहीं होती। अब बिजली के दाम कम कर दो और सिस्टम ठीक कर लो। हम मिलकर काम करेंगे। सिस्टम गड़बड़ हुआ तो एक्शन लेंगे। जनता खुश होनी चाहिए। सस्ती और चौबीस घंटे बिजली मिले, यही मकसद है।
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