मुख्यमंत्री ने लिखा कि जब वह कॉलेज में थीं, तब कार चलाना सीखते समय एक बड़ा एक्सीडेंट हो गया था, जिसके बाद वह लंबे समय तक गाड़ी चलाने से डर गईं। पिता ने उन्हें समझाया कि जीवन में हादसे होते रहते हैं, डरकर रुकना नहीं है। रास्ता चलना नहीं छोड़ना है। गुप्ता ने कहा कि आज वही सीख फिर याद आ रही है, क्योंकि हाल ही में उन पर एक अप्रत्याशित हमला हुआ, लेकिन इसके बावजूद वह दिल्ली के हितों के लिए संघर्ष करना कभी बंद नहीं करेंगी। रेखा गुप्ता ने कहा, मेरे जीवन का हर क्षण और शरीर का हर कण दिल्ली के नाम है। मैं इन सभी अप्रत्याशित प्रहारों के बावजूद दिल्ली का साथ कभी नहीं छोड़ूंगी।