दक्षिण जिला पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि गार्डों ने खुदकुशी की वजह पूछी तो उसने बताया कि माता-पिता और भाई की हत्या के बाद वह जीना नहीं चाहता है। गार्डों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे दबोचा। पुलिस ने बताया कि सिद्धार्थ को पैसे की जरूरत थी। पैसे चुराने के लिए उसने तीनों हत्याएं की।
आरोपी का 12 वर्षों से एम्स में अवसाद का इलाज चल रहा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मौके से तीन चाकू मिले हैं। उसने अलग-अलग चाकू से हत्या की है। साथ ही उसने ईंट से पिता व माता के सिर पर ताबड़तोड़ वार दिए थे। इससे माता-पिता के सिर बुरी तरह फट गए थे। हालांकि उसने भाई के सिर पर ईंट से वार नहीं किए हैं। पुलिस को मौके से ईंट भी मिली है। उसने तीनों की गर्दन को इतनी बेरहमी से काटा है कि गर्दन में दो-तीन इंच का गैप हो गया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी सिद्धार्थ को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
फैक्टरी में काम करते थे
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रेम सिंह खानपुर में स्थित एक छोटी फैक्टरी में काम करते थे। परिवार मध्यमवर्गीय था। स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार कम ही बात करता था। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि शुरुआती जांच में ये बात सामने आई कि आरोपी ने कई बार अपने दोस्तों को बोला था कि वह माता-पिता को पसंद नहीं करता है और जल्दी यहां से चला जाएगा। हालांकि किसी को ये पता नहीं था कि वह इतनी भयानक वारदात को अंजाम दे देगा। पड़ोसियों ने बताया कि आरोपी युवक बहुत ही गुस्से वाला था। आए दिन झगड़े की आवाजें आती रहती थीं।
मोहल्ले के एक युवक ने बुलाई थी पुलिस
स्थानीय लोगों के अनुसार ने बताया कि पीड़ित घर के सामने से मोहल्ले का एक युवक गुजर रहा था। घर का दरवाजा खुला था। बाहर से घर में पड़े खून से लथपथ शव दिखाई दे रहे थे। इस युवक ने पुलिस को सूचना दी थी।
घर से मिले इलाज के दस्तावेज
पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने बताया कि घर की तलाशी में सिद्धार्थ के इलाज के दस्तावेज और दवाइयां बरामद हुईं। इन दस्तावेजों से पता चला है कि पिछले 12 वर्षों से वह मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों से इलाज करवा रहा था। वह हमेशा आक्रामक रहता था।