मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट सोमवार को दिल्ली विधानसभा में पेश की। रिपोर्ट में परिचालन संबंधी अक्षमताओं और वित्तीय घाटे के बारे में विस्तार से बताया गया, जिससे पिछली आम आदमी पार्टी सरकार की आलोचना हुई।
रिपोर्ट डीटीसी के प्रमुख परिचालन और वित्तीय पहलुओं का मूल्यांकन करती है। अक्षमताओं और सुधार की आवश्यकता वाले क्षेत्रों की ओर इशारा करती है। यह प्रबंधन, राजस्व सृजन, परिचालन स्थिरता और सार्वजनिक परिवहन नीतियों के पालन की जांच करती है।
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सीएजी रिपोर्ट पेश होने के बाद भाजपा विधायक हरीश खुराना ने पिछली आप सरकार की आलोचना की, उस पर सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के कुप्रबंधन का आरोप लगाया, जिसके परिणास्वरूप वित्तीय घाटा हुआ और डीटीसी की बसों में कमी आई।
'वित्तीय घाटा हुआ और डीटीसी की बसों में कमी आई'
सीएजी रिपोर्ट पेश होने के बाद भाजपा विधायक हरीश खुराना ने पिछली आप सरकार की आलोचना की, उस पर सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के कुप्रबंधन का आरोप लगाया, जिसके परिणास्वरूप वित्तीय घाटा हुआ और डीटीसी की बसों में कमी आई।
'पूर्व मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना के अधीन डीटीसी लाभदायक थी'
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना के अधीन डीटीसी लाभदायक थी, लेकिन आप के शासन में निगम का कुल घाटा बढ़कर 8498.33 करोड़ रुपये हो गया, जो आप के कार्यकाल में 5000 करोड़ रुपये बढ़ गया।
क्लस्टर बसों को जमीन क्यों आवंटित की?
राजस्व में गिरावट पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि डीटीसी की परिचालन आय आप के सत्ता में आने के समय 914 करोड़ रुपये से घटकर 558 करोड़ रुपये रह गई। उन्होंने वित्तीय अनियमितताओं का भी आरोप लगाया और सवाल किया किया कि आप सरकार ने 225 करोड़ रुपये किराया वसूले बिना डीटीसी की 3.18 लाख वर्ग मीटर जमीन निजी क्लस्टर बसों को क्यों आवंटित की।
किराया अंतिम बार 3 नवंबर 2009 में संशोधित किया गया था
डीटीसी पर सीएजी की 110 पेज की रिपोर्ट में कहा गया है कि किराया निर्धारत में स्वतंत्रता न होने के कारण डीटीसी का घाटा लगातार बढ़ता रहा। डीटीसी बसों का किराया अंतिम बार 3 नवंबर 2009 में संशोधित किया गया था, लेकिन इस दौरान बसों के संचालन में अन्य कीमतें बढ़ती रहीं, जिसके कारण डीटीसी बसों के घाटे में जबरदस्त वृद्धि हुई।
सभी बसों में सीसीटीवी लगाने की योजना भी पूरी नहीं हो पाई
केजरीवाल सरकार ने सभी बसों में सीसीटीवी और मार्शल लगाने को अपनी बड़ी महत्त्वाकांक्षी योजना करार दिया था। सरकार का दावा था कि इससे बसों के अंदर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी, लेकिन सीएजी रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि दिल्ली की सभी बसों में सीसीटीवी लगाने की योजना भी पूरी नहीं हो पाई।
सिर्फ दो इलेक्ट्रिक बसें खरीद सकी केजरीवाल सरकार- मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा
दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आरोप लगाया है कि केजरीवाल सरकार ने दो इलेक्ट्रिक बसों के अलावा एक भी नई बस की खरीद नहीं कर पाई, जिससे बसों की कमी हुई। सरकार केवल 57 प्रतिशत रुट्स पर ही बसों का संचालन कर पाई। इसमें भी 656 बसों को उनकी उम्र के बाद भी चलाया गया जिसके कारण उनका ब्रेक डाउन होने का मामला बढ़ गया। सिरसा ने आरोप लगाया है कि पैसा होने के बाद भी बसों की खरीद न कर पाना सरकार की कमजोरी का प्रमाण है।
सभी आंकड़े देखकर देंगे जवाब- आप
आप नेता आतिशी मारलेना ने कहा है कि मुख्यमंत्री ने आज ही सीएजी की रिपोर्ट सदन में पेश की है। इसका विस्तृत अध्ययन किए जाने की आवश्यकता है। इसका अध्ययन करने के बाद ही सरकार के आरोपों का पूरा जवाब दिया जा सकेगा। उन्होंने बुधवार को इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की है।