मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि लोकतंत्र में विरोध करने का सभी को अधिकार है, लेकिन इससे सरकारी कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। अगर कर्मचारी व अधिकारी को विरोध करना है तो जापान के कर्मचारियों की तर्ज पर अधिक काम करके विरोध जताया जा सकता है, जो कि देशहित में साकारात्मक होगा।
मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम में आयोजित राज्य स्तरीय सुशासन दिवस कार्यक्रम में राज्य के साढ़े तीन लाख अधिकारियों व कर्मचारियों से कहा कि छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर विभाग के खिलाफ प्रदर्शन नहीं करना चाहिए, क्योंकि कई बार इससे काम में रूकावट पैदा होती है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करना कोई बुरी बात नहीं हैं, लेकिन काम में रूकावट नहीं होनी चाहिए, क्योंकि जब काम में रूकावट होती है तो जनता को परेशानी उठानी पडती है।
वहीं उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी ओर से दिए गए सुझावों को ध्यान में रखते हुए सुधार किए जाएंगें और जहां पर आवश्यकता होंगी, वहां पर नियमों को भी बदल दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से आह्वान किया वे लोगों से मिलने के लिए एक समय सीमा निर्धारित करें ताकि उनके पास आने वाले लोगों की शिकायतों का निपटारा हो सके।
दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सामने चुनौतियां भी हैं और इन चुनौतियों का हमें सामना करना है। इन चुनौतियों में सबसे बड़ी चुनौती हमारी बढ़ती हुई आबादी है और इसलिए हमें बढ़ती हुई आबादी को देखते हुए योजनाओं को तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि कल्पना करते हुए हमें आगामी सालों की योजनाओं व नीतियों को तैयार करना होगा।
इसी प्रकार, कुछ योजनाओं को सीजन के अनुरूप तैयार करना होगा ताकि सीजन के अनुसार उस वर्ग के लोगों को सुविधाएं मुहैया हो सकें और इन योजनाओं को सिरे चढ़ाने के लिए जमीनी स्तर पर कर्मियों को काम करना होगा। इसी तरह संबंधित विभागों को समकालीन योजनाओं को तैयार करना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की कोई ऐसी परिस्थिति उत्पन्न न हों जिससे कोई दिक्कत हो सके।