26 अक्तूबर 2014 को प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जिले के पांचों विधानसभा क्षेत्रों में विकास रैली करके 222 घोषणाएं की। दो साल बीत जाने के बाद अभी तक महज सात काम ही पूरे हो पाए हैं।
इससे साफ है कि विभागीय अधिकारी मुख्यमंत्री की घोषणाओं को भी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। हैरानी की बात ये है कि निगम से संबंधित 100 घोषणाओं में एक भी काम पूरा नहीं हो पाया है।
निगम अधिकारी अभी तक सिर्फ एस्टीमेट ही बनाने में लगे हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या बाकी बचे तीन साल में की गई घोषणाएं पूरी हो पाएंगी। ये कह पाना मुश्किल है।
मानव आवाज संस्था गुडग़ांव के संयोजक अभय जैन ने जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत मुख्यमंत्री कार्यालय से जानकारी मांगी थी कि वर्ष 2014 से अब तक सीएम ने कितनी घोषणाएं की और उनमें से कितनी पूरी हो गई।
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा दिए गए जवाब के तहत अब तक कुल 1811 घोषणाएं की गई है जिनमें से महज 233 ही पूरी हो पाई है। पूरे प्रदेश में 906 विकास कार्य अभी भी पेंडिंग है। इनमें फरीदाबाद की 222 घोषणाओं में सिर्फ सात काम पूरे हो पाए हैं।
सबसे अधिक घोषणाएं फरीदाबाद में
सीएम कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में अब तक फरीदाबाद जिले में सबसे अधिक मेहरबान हुए हैं। यानी सबसे अधिक 222 विकास कार्यों की घोषणा यहां की गई है।
अंबाला में 72, भिवानी में 163, मेवात में 88, गुडग़ांव में 89, पलवल में 80, महेंद्रगढ़ में 135 और यमुनानगर में 115 घोषणाएं हुई है। सबसे कम घोषणाएं सोनीपत में 13 और हिसार जिले में 17 हुई है।
नगर निगम सीमाक्षेत्र की घोषणाएं
नगर निगम सीमाक्षेत्र में आने वाले विधानसभा क्षेत्रों में 100 विकास कार्यों की घोषणाएं हुई है जिसमें तिगांव में 29, बड़खल में 8, फरीदाबाद में 10, एनआईटी में 19 और बल्लभगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 29 कार्य हैं।
निगम सूत्रों की मानें तो अभी तक सीएम घोषणाओं के लिए सिर्फ एस्टीमेट ही तैयार कर रहा है। यही हाल अन्य विभागों का है।