इससे पहले बृहस्पतिवार को अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा था कि अधिकारियों की हड़ताल तुड़वाने में नाकाम रहने पर उन्हें उपराज्यपाल से कोई उम्मीद नहीं है। शुक्रवार को लिखे पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि वह मांगें पूरी करने के लिए मामले में दखल दें। शुक्रवार को भी उन्होंने एक वीडियो मेसेज जारी किया।
अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, हमने फैसला किया कि राजनिवास में रुककर समस्या के समाधान का इंतजार किया जाए, लेकिन हैरानी की बात यह है कि पांच दिन बाद भी कुछ नहीं हुआ है। यहां तक कि उपराज्यपाल मुलाकात को भी तैयार नहीं हैं, जबकि मनीष सिसोदिया ने बृहस्पतिवार को मिलने का वक्त मांगा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रविवार को पार्टी कार्यकर्ता व नेता प्रधानमंत्री के घर जाएंगे। उनसे अपील की जाएगी कि दिल्लीवालों को उनका हक दें। अधिकारियों की हड़ताल खत्म कराई जाए। इससे दिल्ली में रुके विकास के काम पूरे हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को चेतावनी दी कि इसके बाद भी उन्होंने मामले में दखल नहीं दिया तो आंदोलन को दिल्ली के हर घर तक पहुंचाया जाएगा। जिस तरह पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के शासन में आप ने बिजली बिलों पर आंदोलन छेड़ा था, ठीक उसी तरह इस बार भी लोगों को समझाया जाएगा।
बताया जाएगा कि अधिकारियों के बैठकों में न आने से किस तरह काम प्रभावित हो रहा है। कम से कम 10 लाख परिवारों से पूर्ण राज्य के मसौदे पर दस्तखत कराए जाएंगे। इसे प्रधानमंत्री को सौंपने के लिए पार्टी प्रधानमंत्री आवास की तरफ फिर कूच करेगी।