मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली से मैकाले की शिक्षा व्यवस्था को उखाड़ फेंकने का दावा किया है। उनका कहना है कि स्कूलों से ऐसे बच्चे तैयार करने हैं, जिनका चरित्र मजबूत हो और उनमें देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी हो। दिल्ली अगले चरण के शिक्षा सुधारों के लिए तैयार है। केजरीवाल ने बुधवार रात त्यागराज स्टेडियम में द स्टेट टीचर्स अवार्ड समारोह में यह बात कही। कार्यक्रम में 90 शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
केजरीवाल ने कहा कि बीते तीन साल में दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था के बुनियादी क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आया है। दिल्ली की राजनीति व सरकार की नीयत बदली है। समाज ने भी इस बदलाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। अब बारी अगले चरण के शिक्षा सुधारों की है। अब ऐसी शिक्षा देनी है, जो अच्छा नागरिक बनाए।
बच्चों को देशभक्त और खुद रोजगार के लायक बनाए। बच्चों का चरित्र मजबूत होने से समाज और उससे देश मजबूत होगा। उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि शिक्षा सुधारों को अगले चरण में ले जाएं। हम इस दिशा में काम कर सके तो पूरी दुनिया के लिए दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था मॉडल होगी। हमें मैकाले की शिक्षा व्यवस्था को खत्म करना है।
सिसोदिया ने दी राजनीति पढ़ाने की नसीहत
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शिक्षकों से अपील की कि वह बच्चों को राजनीति भी पढ़ाएं। हालांकि, उन्होंने कहा कि बच्चों से यह नहीं कहना है कि वह कौन सी पार्टी में जाएं। इसकी जगह यह बताना है कि ईमानदार राजनीति किस तरह से देश में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।
विदेशों में शिक्षक सम्मेलन कराने की योजना
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दुनियाभर में भारत के शिक्षक फैले हुए हैं। दिल्ली सरकार की योजना है कि विदेशों में शिक्षा देने वाले शिक्षकों का सम्मेलन कराया जाए। इसमें विचारों का आदान-प्रदान होगा और दिल्ली के शिक्षक देश-दुनिया में होने वाले बदलावों से परिचित हो सकेंगे।