हाईकोर्ट आईआईटी दिल्ली व एफआईआईटी-जेईई (फिट-जी) की क्रॉस अपीलों पर 12 सितंबर को सुनवाई करेगी। यह अपील हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देते हुए दायर की गई है, जिसमें डीएमआरसी को निर्देश दिया गया था कि वह अपने स्टेशनों व अन्य स्थानों पर यह घोषणा करें कि आईआईटी व कोचिंग सेंटर फिट-जी का आपस में कोई संबंध नहीं है।
मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन व न्यायमूर्ति वीके राव के समक्ष बुधवार को फिट-जी की अपील सुनवाई के लिए आई थी। इस दौरान आईआईटी के वकील ने कहा संस्थान ने सिंगल जज के 10 जुलाई के आदेश को चुनौती दे रखी है। उस अपील पर अगले सप्ताह सुनवाई होगी। खंडपीठ ने इसके बाद दोनों अपीलों पर सुनवाई के लिए 12 सितंबर की तारीख तय की है।
सिंगल जज ने अपने फैसले में दिल्ली मेट्रो को निर्देश दिया था कि वह घोषणा करे कि आईआईटी व फिट-जी के बीच कोई संबंध नहीं है और यह उसी स्टाइल व आकार के अक्षरों में लिखा जाए जिसमें मेट्रो स्टेशनों पर फिट-जी लिखा गया है।
आईआईटी दिल्ली के बाहर स्थित मेट्रो स्टेशन को फिट-जी आईआईटी स्टेशन के नाम से जाना जाता है। इस पर आईआईटी ने आपत्ति करते हुए याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने दिल्ली मेट्रो को स्टेशनों के नाम के लिए आईआईटी व फिट-जी शब्द को एक साथ इस्तेमाल न करने का निर्देश दिया था।