मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बीती 22 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय ने सातवां समन जारी कर सोमवार 26 फरवरी को पेश होने के लिए कहा था। अब तक मुख्यमंत्री को सात समन जारी हो चुके हैं। लेकिन अभी तक वह दिल्ली शराब घोटाले के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश नहीं हुए हैं। इससे पहले 14 फरवरी को छठा समन जारी कर 19 फरवरी को पेश होने के लिए कहा था। लेकिन केजरीवाल उस समन पर पेश नहीं हुए थे। उन्होंने कहा था कि अभी मामला कोर्ट में चल रहा है। इसलिए ईडी कोर्ट के फैसले का इंतजार करे।
पेश नहीं होने पर भाजपा ने कसा केजरीवाल पर तंज
ईडी समन पर पेश नहीं होने पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को भगौड़ा नंबर 1 के खिताब से नवाजा जाना चाहिए। जिसने अन्न हजारे का इस्तेमाल किया। सबसे पहले उन्हें इस्तीफा देना चाहिए और फिर जांच में शामिल होना चाहिए। आज वह न तो अपना इस्तीफा दे रहे हैं और न ही जांच में शामिल हो रहे हैं। क्योंकि अब वह लालू प्रसाद यादव के करीबी और दोस्त हैं। उन्होंने कोर्ट ने कोई राहत नहीं दी है। कांग्रेस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कह चुकी है कि अरविंद केजरीवाल भ्रष्ट हैं। वह शराब घोटाले पर अपना जवाब दे चुकी है।
16 मार्च को कोर्ट में पेश होंगे सीएम केजरीवाल
17 फरवरी को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल वीडियो कॉन्फ्रेंस से अदालत में पेश हुए थे। उन्होंने अदालत को आश्वासन दिया कि वे दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र समाप्त होने के बाद मार्च में शारीरिक रूप से पेश होंगे। इसके बाद अदालत ने आश्वासन को स्वीकार करते हुए सुनवाई 16 मार्च तय कर दी। अदालत ने उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनके खिलाफ जारी समन का पालन न करने पर तलब किया था।