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पूर्ण राज्य आंदोलन की बिछी बिसात, मुख्यमंत्री आवास पर आप ने तैयार की रूपरेखा

Mon, 25 Feb 2019 05:51 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
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पूर्ण राज्य आंदोलन की मांग को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अनिश्चितकालीन अनशन को लेकर आप ने रूपरेखा तैयार कर ली है। ये आंदोलन ना केवल केंद्रित होगा, बल्कि पूरे दिल्ली में चलेगा। इसे लेकर मुख्यमंत्री आवास पर सभी विधायकों, कैबिनेट मंत्रियों, सांसदों व पार्षदों की बैठक हुई और आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई। आप के सभी फ्रंटल संगठनों व एक हजार संगठन पदाधिकारियों के साथ मंत्री गोपाल राय की भी बैठक हुई। 

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राय ने मीडिया से बातचीत में बताया कि आंदोलन को दो भागों में विभाजित किया गया है। एक केंद्रित आंदोलन होगा, जो कि उस स्थल पर होगा, जहां मुख्यमंत्री अनशन पर बैठेंगे। दूसरा समानांतर आंदोलन दिल्ली के अलग-अलग क्षेत्रों में विधायक, पार्षद व पार्टी के पदाधिकारी करेंगे। पूरी दिल्ली को 560 जोन में बांटा गया है। हर लोकसभा स्तर पर पूर्ण राज्य आंदोलन समिति का गठन किया गया है। लोकसभा प्रभारी, विधायक, पार्षद इस समिति के सदस्य होंगे। विधानसभा स्तर पर भी पूर्ण राज्य आंदोलन कमेटी बनाई जाएगी। इसमें विधानसभा के पदाधिकारी शामिल होंगे। इसके अलावा एक तीसरी कमेटी भी होगी, जो प्रत्येक वार्ड में दो-दो जोन में बंटी होगी। ये कमेटी आंदोलन को जमीन पर संचालित करने का काम संभालेगी। कमेटी के सदस्य अपने अपने क्षेत्र में धार्मिक संगठनों व आरडब्ल्यूए के साथ पूर्ण राज्य के लिए न्याय यात्रा करेंगी। 

एक मार्च से अनशन पर बैठेंगे मुख्यमंत्री
एक मार्च को सुबह 10 बजे से मुख्यमंत्री अनशन शुरू करेंगे। मुख्यमंत्री का अनशन रामलीला मैदान या जंतरमंतर पर शुरू हो सकता है। हालांकि इस बारे में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। अनशन के दौरान विधायक, पार्षद, लोकसभा प्रभारी, संगठन पदाधिकारी अनशन स्थल पर मौजूद रहेंगे। 2 मार्च से प्रत्येक दिन एक लोकसभा की जिम्मेदारी तय की गई है। लोकसभा प्रभारी व लोकसभा के 10 विधायक, पार्षद व संगठन पदाधिकारी अनशन स्थल पर मुख्यमंत्री के समर्थन में पहुंचेंगे। 

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लोकसभाओं की जिम्मेदारी तय की गई
. 2 मार्च को उत्तर-पूर्वी लोकसभा की जिम्मेदारी होगी।
. 3 मार्च को चांदनी चौक लोकसभा की जिम्मेदारी होगी।
. 4 मार्च को पूर्वी लोकसभा की जिम्मेदारी होगी।
. 5 मार्च को दक्षिणी दिल्ली लोकसभा की जिम्मेदारी होगी।
. 6 मार्च को उत्तर-पश्चिमी दिल्ली लोकसभा की जिम्मेदारी होगी।
. 7 मार्च को पश्चिमी दिल्ली लोकसभा की जिम्मेदारी होगी।
. 8 मार्च को नई दिल्ली लोकसभा की जिम्मेदारी होगी।
. 9 मार्च को सभी फ्रंटल्स पदाधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।
. 10 मार्च को कैबिनेट मंत्री, विधायक, सांसद, पार्षद,  फ्रंटल पदाधिकारी व कार्यकर्ता अनशन स्थल पर इकट्ठा होंगे और अनशन कार्यक्रम को आगे की दिशा तय करेंगे। 

अनशन के दौरान नारा लगेगा
आंदोलन के लिए दो मुख्य नारों का भी चयन किया गया है
1. दिल्ली अन्याय नहीं सहेगी पूर्ण राज्य अब ले के रहेगी।
2.  दिल्ली का सम्मान अधूरा पूर्ण राज्य से होगा पूरा।

आजादी के 70 सालों के बावजूद दिल्ली के लोगों को उनका हक नहीं मिला। सभी जगह गुहार लगाई गई, लेकिन समाधान नहीं निकला। भाजपा व कांग्रेस ने दिल्ली की जनता के साथ हमेशा धोखा किया है। भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा, मदन लाल खुराना, वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, विजय गोयल, डॉ. हर्षवर्धन पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की बात कई बार कह चुके है। - गोपाल राय, कैबिनेट मंत्री  
 
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