सीएम केजरीवाल कहते हैं 'दिल्ली में लगभग 27 लाख उपभोक्ता हैं। इन 27 लाख में 10.5 लाख यानी 40 प्रतिशत उपभोक्ता ऐसे हैं जो अपना बिल नहीं भर रहे। वो इसलिए बिल नहीं भर रहे क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके बिल गलत आए हैं, इसलिए वो अपना बिल नहीं भर रहे हैं। इन्हीं समस्याओं का समाधान करने के लिए हम वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लेकर आए। इस योजना को समझाते हुए कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने दो, तीन, चार सालों से बिल नहीं चुकाया है, उस दौरान अगर आपकी दो या दो से ज्यादा ओके रीडिंग मिलती हैं, जिस पर उपभोक्ता भी सहमत हैं और जल बोर्ड भी सहमत है तो उसको मान लिया जाएगा और उसका औसत ले लिया जाएगा। उस औसत से बाकी सारे महीनों को मल्टीप्लाई कर दिया जाएगा। आज स्थिति ये है कि इस स्कीम को कैबिनेट में लाना है।
कैबिनेट पास करेगी तब ये स्कीम लागू होगी। इसके लिए फाइनेंस सेक्रेटरी को इस पर अपने कमेंट्स देने हैं। फाइनेंस सेक्रेटरी को फाइल दी गई, लेकिन उन्होंने लिख दिया कि हम अपने कमेंट्स नहीं देता। सोचो किसी अफसर की हिम्मत है। बिधूड़ी जी कह रहे थे कि मेरे से सीख लो, तो अब मैं कहता हूं कि सिखाओ अब उसका क्या करें हम। हमने फिर इन दोनों को और भी अफसरों को बुलाया। इन्होंने बताया कि हमें धमकी दी जा रही है।