प्रत्याशियों के टिकट की घोषणा के बाद प्रचार अभियान के लिए झंडे, कट आउट, पेन, स्टिकर और बैनर की बिक्री बढ़ने की उम्मीद के साथ रमेश मौर्य पार्टी कार्यालय के बाहर बैठा है। विधानसभा चुनाव 2020 से उसे काफी उम्मीद है। चुनाव प्रचार सामग्री बेचने वाले मौर्य को न तो पार्टी विशेष से कोई मतलब है और न ही किसी वह किसी का समर्थक है।
जहां स्टॉल लगाया, उस पार्टी की चुनाव प्रचार सामग्री बेचने लगे। जितना अधिक ऑर्डर होगा, कमाई भी उतनी ही अधिक होगी। इसलिए शेष बचे उम्मीदवारों को टिकट बंटने का इंतजार कर रहे रमेश मौर्य के लिए विधानसभा चुनाव बिक्री का एक अच्छा मौका है।
बकौल मौर्य पिछले 10 वर्षों से चुनाव प्रचार सामग्री बेचने का काम कर रहे हैं। उनके पास 10 रुपये का पेन है तो साढ़े तीन रुपये से 70 रुपये तक के झंडे नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए तैयार हैं। कीमत साइज और चुनाव प्रचार सामग्री की गुणवत्ता के मुताबिक है।
इससे पहले उत्तराखंड, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और राजस्थान चुनाव में लाखों की प्रचार सामग्री बेचने वाले मौर्य का कहना है कि राजनीति के इस महापर्व पर उन्हें अधिक बिक्री का इंतजार रहता है।
दिल्ली में आम आदमी पार्टी के एक प्रत्याशी से मिले ऑर्डर को पूरा करने के बाद अब कांग्रेसी प्रत्याशियों को टिकट मिलने का इंतजार है। उसका कहना है कि दो लाख रुपये तक की चुनाव प्रचार सामग्री की आपूर्ति वह 24 घंटे में कर सकता है।