तीन साल का लक्ष्य रखा
चुनावी घोषणा के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यमुना को तीन साल में साफ करने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभिन्न एजेंसियों और विभागों के बीच निर्बाध समन्वय की आवश्यकता होगी। इसमें दिल्ली जल बोर्ड, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण बोर्ड, दिल्ली नगर निगम, पर्यावरण विभाग, लोक निर्माण विभाग और दिल्ली विकास प्राधिकरण शामिल हैं।
साप्ताहिक आधार पर होगी निगरानी
यमुना की सफाई को लेकर चलाए जा रहे अभियान की निगरानी साप्ताहिक आधार पर की जाएगी। इसके अलावा दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) शहर में औद्योगिक इकाइयों से नालों में अनुपचारित अपशिष्ट के निर्वहन पर कड़ी निगरानी रखेगी।