स्वच्छ भारत मिशन के तहत तावड़ूू खंड के अंतर्गत शौचालय बनाने के कार्य की रफ्तार को देखकर यह सवाल लाजमी है कि इस तरह यह मिशन कैसे पूरा हो पाएगा। तावडू तहसील के अंतर्गत 54 ग्राम पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2014-15 के तहत बीपीएल और एपीएल परिवारों को मिलाकर जितने शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया था, उसका लगभग एक तिहाई निर्माण ही हो पाया है।
तावडू खंड में करीब 26 हजार परिवार हैं। इनमें से लगभग 75 प्रतिशत परिवारों ने शौचालयों का निर्माण कराया हुआ है। जिन गरीब लोगों के पास शौचालय नहीं है। उनके लिए वित्तीय वर्ष 2014-15 में 2968 शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा गया था। इस वित्तीय वर्ष में मात्र 904 ही शौचालय बन पाए हैं। इनमें से 777 परिवारों को प्रशासन की ओर से इसकी राशि मिल चुकी है, जबकि 127 की राशि अभी उनके खातों में नहीं पहुंच पाई है।
बता दें कि एक शौचालय के निर्माण के लिए 12 हजार रुपये की राशि सरकार द्वारा निर्धारित की गई है। इसका भुगतान शौचालय निर्माण के पश्चात-आरटीजीएस के माध्यम से किया जाता है। शौचालय के निर्माण में शौचालय की छत पर एक पानी की टंकी (सीमेंट या सिंटेक्स) बनाना, शौचालय के समीप ही हाथ धोने का बेसिन लगाना व दो गड्ढे बनाना अनिवार्य है ।
स्वच्छ भारत अभियान तावडू खंड के कोर्डिनेटर मोहम्मद आरिफ ने बताया कि बाकी बचे 2064 घरों में शौचालय शीघ्र बनवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि गांव दादू, पाड़ा, कलवाड़ी झामुवास, सराय, मोहम्मदपुर अहीर, कालरपुरी, फतेहपुर, रगांला, खोरी, उटोन , पढैनी, गांवों में शत प्रतिशत व गांव चीला, छारौड़ा, चिलावली, सुनारी, जौरासी, बुराका में भी 70 प्रतिशत शौचालय बन गए हैं।