होशियारपुर स्थित प्राइमरी स्कूल की प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया गया है। उन पर स्कूल के बच्चों से काम करवाने, पैसे बदलवाने के लिए बच्चों को बैंक में लाइन लगवाने सहित कई अन्य आरोप लगाए गए हैं। हालांकि प्रिंसिपल ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए इसे साजिश करार दिया है।
प्राइमरी स्कूल होशियारपुर की प्रिंसिपल नीरज चौबे पर छात्र-छात्राओं से प्रधानाध्यापक कक्ष की साफ-सफाई कराने, कप-प्लेट व बर्तन धुलवाने का आरोप लगाया गया है। यही नहीं प्रिंसिपल पर शिक्षिकाओं व बच्चों से अभद्र भाषा में बातचीत करने का भी आरोप है।
यही नहीं उन पर स्कूली बच्चों को पैसे बदलवाने के लिए बैंक की लाइन में भी लगाने का आरोप लगाया गया है। इसकी शिकायत मिलने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी ने मौके पर जाकर जांच की और इसकी रिपोर्ट बेसिक शिक्षा अधिकारी को दी। इसके बाद बीएसए ने उनको निलंबित कर दिया और उनको जेवर के बंकापुर के प्राइमरी स्कूल में अटैच कर दिया।
इस बाबत निलंबित प्रिंसिपल का कहना है कि उन पर लगे सारे आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने बच्चों से किसी तरह का काम नहीं करवाया है। उनका कहना है कि स्कूल की एक शिक्षिका ने उनके साथ साजिश करते हुए विडियो बनवाया और उसे वायरल करवाया। यही नहीं जांच के दौरान उक्त शिक्षिका के सिखाने पर बच्चों ने अपने बयान दिए। उनका कहना है कि इस मामले में उनसे कोई बातचीत नहीं की गई। यही नहीं जब वह अस्पताल में भर्ती थीं तभी स्कूल की जांच कराई गई और रिपोर्ट दे दी गई। सिटी मजिस्ट्रेट की जांच का भी कोई संज्ञान नहीं लिया गया। प्रिंसिपल का कहना है कि वह पूरी तरह से निर्दोष हैं।