15 साल का पीड़ित किशोर सपरिवार कंझावला इलाके में रहता है और दसवीं कक्षा का छात्र है। उसने बताया कि वह कबड्डी खिलाड़ी बनना चाहता था। इसी साल पांच जुलाई को उसने इलाके में स्थित जेडीपी कबड्डी एकेडमी में दाखिला लिया। वह घर से वहां अभ्यास करने के लिए जाता था। लेकिन अपने परिजनों के कहने पर वह ऐकेडमी के हॉस्टल में रहने लगा।
पीड़ित का आरोप है कि नौ अगस्त की रात वह अपने कमरे में सो रहा था, तभी अचानक उसकी आंख खुली। उसने अपने कोच मुकेश को गलत काम करते देखा। विरोध करने पर आरोपी ने उसे किसी को कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी दी। करियर बर्बाद करने की भी चेतावनी दी। पीड़ित डर की वजह से चुप रहा। उसका आरोप है कि 30 अगस्त को वह चोट के कारण अभ्यास करने नहीं गया और अपने हॉस्टल के रूम में अकेला आराम कर रहा था।
इस बीच कोच उसके कमरे में आ गया और धमकी देते हुए फिर से कुकर्म किया। उसके बाद से वह डरा सहमा रहने लगा और खाना पीना कम कर दिया। किशोर की हालत देखकर परिवार वाले ने उससे पूछताछ की। काफी पूछताछ करने पर पीड़ित ने अपने परिजनों को सारी बात बताई। उसके बाद पीड़ित के परिवार वाले ने पीड़ित को लेकर कंझावला थाने पहुंचे और घटना की शिकायत पुलिस से की।
पुलिस ने पीड़ित का मेडिकल करवाने के बाद उसकी काउंसलिंग करवाई और उसके बयान पर मामला दर्ज कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी कोच को गिरफ्तार कर लिया गया है।