बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी स्वामी ने बताया कि सोमवार रात करीब 9.30 बजे एनआईए थाना पुलिस को ए ब्लॉक जेजे कॉलोनी बवाना सब्जी मंडी स्कूल के पास दो पक्षों के बीच चाकू से झड़प की सूचना मिली। मौके पर पहुंची टीम को रहीमुल, अब्दुल्ला और इमरान घायल अवस्था में मिले। सभी पर चाकू के कई वार किए गए थे। पुलिस घायलों को महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में लेकर गई। लेकिन तीनों की गंभीर हालात को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें अंबेडकर अस्पताल में रेफर कर दिया। तीनों बयान देने की हालत में नहीं थे।
पुलिस ने मौके पर छानबीन शुरू की। जिसमें पता चला कि एक पक्ष से मोहम्मद रहीमुल और उसका नाबालिग भाई था। वहीं दूसरे पक्ष से मोहम्मद इमरान और अब्दुल्ला था। चारों आसपास में ही रहते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि सोमवार रात में किसी बात को लेकर रहीमुल के नाबालिग भाई से अब्दुल्ला की कहासुनी हो गई। अब्दुल्ला नाबालिग को सॉरी कहने का दबाव बना रहा था। उसके मना करने पर अब्दुल्ला ने थप्पड़ मार दिया। इसी बात को लेकर झगड़ा होने लगा और फिर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर चाकू से हमला किए। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और हत्या और हत्या का प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्षों के परिजनों से पूछताछ की जा रही है।
दसवीं का छात्र था इमरान
इमरान के पिता गोकुल शेख ने बताया कि वह मूलत: पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। उनका नरेला औद्योगिक क्षेत्र में वाई फाई का केबल बनाने का काम है। उसका बेटा इमरान हरियाणा के सोनीपत स्थित स्कूल की दसवीं कक्षा में पढ़ता था और स्कूल के होस्टल में रहता था। पश्चिम बंगाल से उसकी मौसी की बेटी यहां आई हुई है। जिससे मिलने के लिए वह रविवार को नरेला स्थित अपने घर आया था। आरोप है कि सोमवार शाम रास्ते में चार लोगों ने उसे रोक लिया और उससे मोबाइल छीन लिया। विरोध करने पर आरोपियों ने उसे चाकू मारकर घायल कर दिया।