बात हंगामे तक बढ़ गई तो पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और वकील डीसी गौतम और उनके तीन साथियों को गिरफ्तार कर थाने ले गई।
पुलिस पर आरोप है कि उसने वकील को रातभर थाने में रखकर बेरहमी से पिटाई की जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। आरोप है कि चार पुलिसकर्मियों ने रातभर उसे थाने में रखकर पीटा।
सुबह होते-होते इस बात की जानकारी अन्य वकीलों को भी लगी। सभी वकील गुरुवार सुबह कचहरी परिसर में जमा हुए और उन्होंने अपने अध्यक्ष विश्वास त्यागी और सचिव अनिल पंडित को पूरे मामले की जानकारी दी।
इसके बाद ये शिकायत लेकर वकील जिला जज के पास गए। इसके बाद वो एसएसपी दफ्तर पहुंचे और मांग की कि पूरे थाना स्टाफ को सस्पेंड किया जाए।
एसएसपी ने वकीलों की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए चारों आरोपी पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया। वहीं चौकी पहुंचे वकीलों से एक पुलिसवाले ने बदसलूकी कर दी जिसके बाद उसे वकीलों ने पीट दिया और कचहरी चौकी पर हंगामा होता रहा।
यह सब चल ही रहा था कि सुबह 11 बजे एसएसपी कचहरी पहुंचे और उग्र वकीलों को समझाकर मामला शांत कराया साथ ही कार्रवाई का आश्वासन देकर लौट गए।
हालांकि इसके जब एसपी सिटी मौके पर पहुंचे तो एसएसपी के विपरीत उन्होंने कड़ा रुख अपनाया और आरोप है कि उन्होंने वकीलों से बदसलूकी भी की। इसके कारण वकील फिर हंगामे पर उतर आए। इस बार वकीलों ने पथराव भी किया जिससे पुलिस बैकफुट पर आ गई और कचहरी से बाहर चली गई।
इस वक्त वकील आरोपी पुलिसवालों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। जानकारी के अनुसार इन सबके बाद भी एक बार कुछ पुलिसवाले कचहरी पहुंचे और वकीलों से दुर्व्यवहार किया जिसके बाद मामला फिर भड़क उठा।