Sonam Wangchuk News: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। उनके इस निर्णय की सामाजिक माध्यमों पर आलोचना हुई, जिसका उन्होंने वीडियो संदेश के माध्यम से जवाब दिया।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। उनके इस निर्णय को लेकर सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हो रही है। वांगचुक ने एक वीडियो मैसेज के माध्यम से इन आलोचनाओं का जवाब दिया है।
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अपने वीडियो मैसेज में वांगचुक ने कई सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या उन्हें किसी से 'चरित्र प्रमाण-पत्र' लेना होगा। यह प्रमाण-पत्र उनके अनशन की पवित्रता को लेकर होगा। उन्होंने यह भी पूछा कि अनशन किसके हाथों और क्यों तोड़ा गया। क्या कोई डील या सौदा हुआ था, इसका जवाब भी उन्हें देना होगा। वांगचुक ने छात्रों के लिए 26 दिनों तक उपवास किया था। इस दौरान उनका वजन 11 किलो कम हो गया था।
AFTER 26 DAYS OF HUNGER DO I NEED TO PROVE MY SINCERITY !!!
Do please watch and help spread the word. Find the full 22 minutes video on my YouTube Channel: Sonam Wangchuk pic.twitter.com/6CO3tjZsSD
वांगचुक ने अपने अनशन के बाद अपनी हालत के बारे में वीडियो में भी बताया। उन्होंने बताया कि लद्दाख की कड़ाके की ठंड से दिल्ली की चिलचिलाती गर्मी में आने से। उनके अंगों और दिमाग को कभी न ठीक होने वाला नुकसान पहुंचने का खतरा पैदा हो गया था। इतना सब सहने के बाद भी उन्हें अपने उपवास की पवित्रता पर सवाल उठाने पड़ रहे हैं।
आलोचना पर वांगचुक का पलटवार
सामाजिक कार्यकर्ता ने सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना पर पलटवार किया। उन्होंने सवाल किया कि क्या उन्हें अपने उपवास की पवित्रता के बारे में किसी से 'चरित्र प्रमाण-पत्र' लेने की आवश्यकता है। वांगचुक ने अपनी प्रतिबद्धता और त्याग को स्पष्ट किया। उन्होंने उन लोगों को जवाब दिया जो उनके फैसले पर सवाल उठा रहे थे।