इंटरनेट सेवाएं बंद करने के सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती
दिल्ली हाई कोर्ट आज एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया है। यह याचिका सेंट्रल दिल्ली के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं बंद करने के सरकार के फैसले को चुनौती देती है। इन हिस्सों में जंतर-मंतर के आस-पास के इलाके भी शामिल हैं, जहां छात्र विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
मेट्रो स्टेशन बंद, ऑफिस जाने वालों की हो रही जेब ढीली
जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के चलते सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशन बंद किए जाने से बृहस्पतिवार को लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। सुबह ऑफिस जाने वाले लोगों से लेकर छात्रों तक को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय और पैसे खर्च करने पड़े। राजीव चौक, मंडी हाउस, पटेल चौक, जनपथ, आईटीओ, खान मार्केट और बाराखंबा रोड जैसे 16 प्रमुख मेट्रो स्टेशन बंद रहने से सबसे ज्यादा दिक्कत नौकरीपेशा लोगों को हुई। कई यात्री स्टेशन के बाहर खड़े होकर वैकल्पिक रास्ते तलाशते नजर आए। यात्रियों का कहना था कि मेट्रो बंद होने के कारण उन्हें पैदल चलकर दूसरे स्टेशन तक जाना पड़ रहा है। कई लोगों ने बताया कि ऑटो और कैब का सहारा लेना पड़ रहा है, लेकिन किराया सामान्य से काफी ज्यादा हो गया है। लोगों ने सरकार और प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग की।
कुछ प्रमुख स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रही
दिल्ली मेट्रो ने राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय जैसे कुछ प्रमुख स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रखी, लेकिन बाहर निकलने के रास्ते बंद होने से यात्रियों को परेशानी हुई। बंद मेट्रो स्टेशनों के बाहर दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के बाद ही स्टेशनों को दोबारा खोलने का फैसला लिया जाएगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि सफर से पहले मेट्रो के अपडेट जरूर देख लें। इसके अलावा, बीते बुधवार को भी लगभग नौ घंटे तक मेट्रो के यह स्टेशन बंद रहे। साथ ही, खबर लिखे जाने तक भी मेट्रो यह स्टॉप 10 घंटे तक बंद रहे।
कई किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे यात्री
मेट्रो स्टेशन बंद होने का असर उन यात्रियों पर भी पड़ा, जिन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता पैदल तय करना पड़ा। कई लोग बैग और जरूरी सामान लेकर एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पैदल जाते नजर आए। ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों और छात्रों ने बताया कि उन्हें समय पर पहुंचने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। कुछ यात्रियों का कहना था कि मेट्रो बंद होने की जानकारी पहले से होने के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था न होने से परेशानी बढ़ गई। ऑटो और कैब का किराया अधिक होने के कारण कई लोगों ने पैदल चलना ही बेहतर समझा।
मैं रोज मेट्रो से कनॉट प्लेस दफ्तर जाता हूं। दो दिन से स्टेशन बंद होने के कारण नई दिल्ली स्टेशन पर उतरना पड़ा और वहां से काफी दूर पैदल चलना पड़ा। -यश
मेट्रो बंद होने का असर बाजारों पर भी पड़ा है। कई ग्राहक समय पर नहीं पहुंच पाए। कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में लोगों को दिक्कत हुई।-राजीव कुमार
सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है, लेकिन आम लोगों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई।-अंकित
नई दिल्ली स्टेशन से आगे जाने के लिए ई-रिक्शा वालों ने सामान्य से ज्यादा किराया मांगा। मजबूरी में लोगों को अधिक पैसे देकर सफर करना पड़ रहा है। -अभिनव