दिल्ली एनएम सेंटर में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने एक प्रेस वार्ता आयोजित की। इस दौरान सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने ज्ञानेश कुमार को 'सबसे बड़ा गद्दार' बताया। उन्होंने ज्ञानेश कुमार से 48 घंटे के भीतर इस्तीफा देने की मांग की है। दीपके ने आगे कहा है कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो 'जंतर मंतर 2.0' निश्चित रूप से होगा।
अभिजीत दीपके ने चेतावनी दी कि यदि ज्ञानेश कुमार ने निर्धारित समय में इस्तीफा नहीं दिया, तो देश भर में उनके खिलाफ व्यापक प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि देश का पूरा लोकतंत्र ही बदल दिया गया है। दीपके ने दावा किया कि महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश जैसे राज्यों में 2 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से काटे गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली में 47 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।
अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि बीजेपी ज्ञानेश कुमार के प्रभाव के कारण ही चुनाव जीत रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्ञानेश कुमार को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने इस अवसर पर देश के युवाओं से लोकतांत्रिक सुधारों के लिए आगे आने का आह्वान किया।
सीजेपी ने मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर कटौती का आरोप लगाया है। पार्टी के अनुसार, महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश में 2 करोड़ से ज्यादा वोट काटे गए हैं। दिल्ली में भी 47 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इन कटौतियों को लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया गया है। पार्टी ने इन आंकड़ों को चिंताजनक बताया है।
सीजेपी की सरकार से तीन मांगें
कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग है कि ज्ञानेश कुमार तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें। दूसरी मांग में आगामी चुनावों को तुरंत रद्द करने और एसआईआर प्रक्रिया को फ्रीज करने की बात कही गई है। तीसरी मांग के तहत 2023 के चुनाव आयुक्त को नियुक्त करने के नियमों को वापस लागू करने की अपील की गई है। पार्टी इन मांगों पर सरकार से तत्काल कार्रवाई चाहती है।