गाजियाबाद में भले ही जीडीए की सिटी बस सेवा फ्लॉप साबित हुई हो, लेकिन लोगों को केंद्र की जेएनएनयूआरएम योजना से बड़ी उम्मीदें हैं। योजना के तहत मिलने वाली 310 सिटी बसें शहर की लाइफ लाइन साबित होंगी।
मई-जून तक बसों का बेड़ा सड़कों पर दौड़ता नजर आ सकता है। नगर निगम और निजी फर्म ने डीपीआर यूपी सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार के पास भेज दी है। माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव की अधिसूचना से पहले केंद्र मंजूरी दे सकता है।
सर्वे में बसों के संचालन ही नहीं आय का भी आकलन किया गया है। सिटी बसों में प्रतिदिन 208869 यात्रियों के सफर करने की उम्मीद जताई गई है।
5 से 20 रुपये में सफर करेंगे यात्री
सबसे छोटे 3 किमी के सफर के लिए यात्रियों को पांच रुपये देने होंगे। सबसे लंबे सफर (20-25 किमी.) पर यात्रियों को 20 रुपये चुकाने होंगे। ऑटो के सफर से यह सस्ता होगा।
सुरक्षा का खास ख्याल
सुरक्षा के लिहाज से सिटी बसों में जीपीएस (ग्लोबल पॉजिशनिंग सिस्टम) लगाया जाएगा। बसों पर रूट नंबर और डिपो आदि की जानकारी के एलईडी डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे। एक हाईटेक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। टिकट के लिए ईटीएम खरीदी जाएंगी।
क्या है डीपीआर में
23 रूटों पर 310 बसों में से 295 बसें संचालन में रहेंगी। बाकी 15 बसें स्टैंडबाई में रखी जाएंगी। दूसरे चरण में 90 बसें और मिलेंगी। गाजियाबाद में सिटी बसों के संचालन पर 14865.30 लाख का बजट खर्च होगा।