साइबर सिटी में अब सर्कल रेट शहर के बिजनेस मॉडल पर तैयार होगा। जिस क्षेत्र में जिस तरह की जमीन की खरीद-फरोख्त व कीमत है। उसी आधार पर सर्कल रेट की कीमत तय होगी। जिससे अब नए सर्कल में एक सामान कटौती नहीं होगी, बल्कि कुछ जगहों में सर्कल रेट में इजाफा होगा। जबकि कुछ जगहों में गिरावट होगी।
इसे लेकर प्रशासन ने नए सिरे से मंथन शुरू कर दिया है। अगले सप्ताह इस मामले में अधिकारियों की बैठक भी होना है। कॉर्मशियल और रेजीडेंशियल दोनों क्षेत्रों में अब बढ़ोतरी भी होने की संभावना है।
दरअसल, गुरुग्राम विशेष रूप से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का एक महत्वपूर्ण रियल एस्टेट बाजार है। नोटबंदी के बाद साइबर सिटी में रियल एस्टेट मार्केट मंदी की चपेट में है। मंदी के दौर के बीच गुरुग्राम में घरों की कीमत 25 प्रतिशत कम हुई, लेकिन इससे मांग बढ़ाने में मदद नहीं मिली।
खरीद-फरोख्त में 60 फीसदी से अधिक गिरावट हुई है। इसको ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे जिले में 05 फीसदी कटौती की सिफारिश की थी, लेकिन हरियाणा सरकार ने मना कर दिया।
प्रदेश सरकार की ओर से गुरुग्राम में महंगी होती जमीन को देखते हुए एक समान का फॉमूला लागू करने के बजाय बिजनेस मॉडल पर आधारित सर्कल रेट तय करने को कहा गया है। क्षेत्र के कॉमर्शिलय वैल्यू के आधार पर अब सर्कल रेट तय होगा। ऐसे में सेक्टरों के सर्कल रेट में इजाफा होने की संभावना है, जबकि कॉलोनी और ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती की जाएगी।
सूत्रों की मानें तो यह अधिकतम पांच फीसदी 'प्लस-माइनस’ होगा। इसमें रिहायशी क्षेत्र को अधिक तवज्जों देने पर जोर है। गुरुग्राम शहरी क्षेत्र के अलावा एंबियंस मॉल से सेक्टर-39 के क्षेत्र के कॉर्मशियल रेट बढने की संभावना है।
सूत्रों के मुताबिक राजस्व विभाग ने सभी तहसीलदारों से ग्राउंड लेवल पर रिपोर्ट मांगी है। इसमें सभी पटवारी अपना रिपोर्ट देंगे। इसमें स्थानीय रियल एस्टेट कारोबारियों से भी प्रॉपर्टी कारोबार की मौजूद स्थिति की जानकारी ली जाएगी। अगले सप्ताह तक इस बारे में सभी तहसीलदार अपना रिपोर्ट देंगे।
इसके बाद जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में बनी कमेटी बैठक कर मोहर लगाएगी। इस बार अब नया सर्कल रेट मई के दूसरे सप्ताह के बाद लागू होगा। बता दें कि सर्कल रेट के आधार पर ही प्रॉपर्टी खरीदने के वक्त राजस्व विभाग को स्टांप ड्यूटी चुकाना होता है।
एक वर्ष में 35 फीसदी तक कमी हुई दर्ज
-एसोचैम के सर्वे के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में इस वक्त कम से कम पौने दो लाख फ्लैट तैयार हैं जो नहीं बिके। गुरुग्राम, सोहना और मानेसर में करीब 90 हजार फ्लैट बन रहे हैं, अधिकांश इनमें तैयार है। लेकिन इन पहले से तैयार और अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैटों के लिए खरीदार बाजार से गायब हैं। इस वजह से रियल स्टेट सेक्टर पर दबाव बन रहा है और दामों में गिरावट आ रही है। घरों की खरीदारी आधी हो गई है और डेवलपरों को ग्राहक नहीं मिल पा रहे हैं। नए प्रोजेक्ट्स के लॉन्च में 68 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
पिछले वर्ष देरी से आया था सर्कल रेट
-पिछले वर्ष प्रॉपर्टी के कारोबार में मंदी और सरकार की उधेड़बुन की वजह से नए सर्कल रेट देरी से जारी किया गया था। बीते वर्ष जून के अंतिम सप्ताह में इसे जारी किया गया था, जबकि यह हर वर्ष अप्रैल में जारी होता रहा है। अब तक इस वित्तीय वर्ष में भी नहीं जारी किया गया है।
हरदीप सिंह, उपायुक्त: इस बार एक समान फार्मूला लागू नहीं होगा। अब नए सिरे से रिपोर्ट लेकर सर्कल रेट तय किए जाएंगे। जहां अधिक डिमांड है, वहां बढ़ाई जा सकती है। इसग्राउंड रिपोर्ट आने के बाद अब निर्णय लिया जाएगा। बैठक के बाद कुछ और बताया जाएगा। प्रशासन जल्द ही नया सर्कल रेट जारी करेगा।