दिल्ली में तीन साल बाद जमीनों के सर्कल रेट रिवाइज करने की तैयारी शुरू हो गई है। नए सर्किल रेट रेट बाजार में चल रहे मूल्यों पर तय किया जाएगा। सरकार ने इस पर अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करने के लिए पांच वर्किंग कमेटी का गठन किया है। कमेटी जमीन के दरों को तय करने के अलग-अलग बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करेगी। दिल्ली में आखिरी बाद सितंबर 2014 में सर्कल रेट बढ़ाए गए थे।
दिल्ली में कुल आठ कैटिगरी ए से एच कैटिगरी में अलग-अलग सर्किल रेट होते है। सबसे महंगा ए कैटिगरी में 7.74 लाख रुपये प्रति स्क्वायर मीटर है जबकि सबसे सस्ता एच कैटिगरी में 23,280 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर है।
विश्वस्त सूत्रों की मानें तो सरकार ने इस बार अगर वर्किंग कमेटी की रिपोर्ट की सिफारिशों को मानी तो कुछ कैटिगरी में मौजूदा सर्किल रेट में कमी भी आ सकती है। वर्किंग कमेटी जनवरी से इसे लेकर काम कर रही है।
दिल्ली में पांच वर्किंग कमेटी जमीन मूल्य तय करने के अलग-अलग पहलुओं का अध्ययन करेगी। मसलन वर्तमान में जमीन की खरीद फरोख्त कागजों पर किस रेट पर हो रहा है। रिहायशी और कॉर्मिशियल इलाकों में निर्माण की लागत क्या है। किन इलाकों में जमीनों की मांग किस तरह है। कृषि के जमीनों का बाजार क्या है। सबसे अहम बाजार में दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में जमीन का क्या रेट है। मसलन, वर्किंग कमेटी प्रॉपर्टी संबंधित वेबसाइट से भी जमीनों के दरों का अध्ययन कर रही है।
सूत्रों की मानें तो पांच में चार वर्किंग कमेटी ने अपने रिपोर्ट राज्य स्तर पर सर्किल रेट को लेकर बनी कमेटी को अपनी रिपोर्ट भी दे दी है। यह कमेटी सभी पांच वर्किंग कमेटी की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद सरकार को नए सर्किल रेट की सिफारिश करेगी। सूत्रों की माने तो वर्किंग कमेटी ने अपने अध्ययन में पाया है कि दिल्ली में कई इलाके है जहां मौजूदा सर्कल रेट भी कम दरों पर रजिस्ट्री हो रही है कुछ ऐसे इलाके है जहां पर मौजूदा सर्किल रेट से दोगुना ज्यादा दरों पर रजिस्ट्री हो रही है।
दिल्ली में मौजूदा सर्किल रेट:
भूमि कैटिगरी सर्किल रेट
ए 7,74,000
बी 2,45,520
सी 1,59,840
डी 1,27,680
ई 70,080
एफ 56,640
जी 46,200
एच 23,280