हांगकांग से दिल्ली की फ्लाइट में करता था चोरी
गिरफ्तार चीनी नागरिक की पहचान हांगकांग चीन निवासी बेनलाई पैन (30) के रूप में हुई है। आईजीआई एयरपोर्ट की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि 14 मई को दिल्ली की आईजीआई एयरपोर्ट की सुरक्षा और सतर्कता टीम ने हांगकांग से नई दिल्ली आने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट में संदिग्ध गतिविधि होने के बारे में दिल्ली पुलिस को अवगत कराया। विमान में यात्रियों के सामान की चोरी होने और चोरी करने वाले चीनी नागरिकों को हिरासत में लेने का अलर्ट जारी किया।
सीट से यात्री का सामान हुआ चोरी
सूचना पर पुलिस तुरंत टर्मिनल-3 के आगमन हॉल में पहुंची। जहां पुलिस ने उस विमान से आए एयर इंडिया कर्मचारियों और कई यात्रियों से मुलाकात की। एक यात्री प्रभात वर्मा ने बताया कि वह सीट नंबर 12सी पर बैठे थे। केबिन क्रू ने उन्हें उनके बैग के आस पास संदिग्ध गतिविधि की चेतावनी दी थी। जांच करने पर पाया कि उनका बैंक ऑफ अमेरिका क्रेडिट कार्ड गायब है। उन्होंने सीट नंबर 14 सी पर एक चीनी नागरिक बेनलाई पैन को बैठा हुआ देखा, जिसका सीट 23 सी था। गायब हुआ कार्ड सीट नंबर 14 सी के नीचे पड़ा मिला।
चोरी का वीडियो आया सामने
सीट नंबर 14 ए पर यात्रा करने वाली प्राशी ने पुलिस के बताया कि उसकी मां का एचडीएफसी डेबिट कार्ड उसके बैग से गायब था। वहीं एक महिला यात्री नफीस फातिमा ने पुलिस को एक वीडियो दिया। जिसमें बैग से सामान चुराते हुए बेनलाई पैन कैद हो गया था। पुलिस ने यात्रियों के बयान और साक्ष्य के आधार पर चोरी का मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने चीनी नागरिक बेनलाई पैन को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके तीन साथियों को हिरासत में लेकर उनकी संलिप्तता की जांच कर रही है।
लंबी दूरी के उड़ान में करवाते थे टिकट बुक
बेनलाई पैन ने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह अपने गैंग के सदस्यों के साथ विमान में यात्रियों का सामान चोरी करते थे। इसके लिए वह लंबी दूरी के उड़ान में टिकट बुक करवाते थे। साथ ही सभी अलग अलग सीटों पर बैठते थे, ताकि लोगों की पहचान से बचे। इस दौरान बिना निगरानी वाली जगह पर रखे सामान तक उनकी पहुंच आसान हो जाता था। वह ऐसे यात्रियों को निशाना बनाते थे जो यात्रा के दौरान सो रहे होते थे। वह उनके आस पास वाले सीट पर बैठकर बैग से कीमती सामान और डेबिट और क्रेडिट कार्ड को निकाल लेते थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के पिछले 12 महीनों के यात्रा डेटा की जांच की जा रही है। ताकि अन्य एयरलाइनों और मार्गों पर की गई चोरी की शिकायतों को सुलझाया जा सके।