घर से निकलने के बाद शिंग फू रास्ता भटककर करीब एक घंटे चलते रहे। इस दौरान उन्हें भूख भी लगने लगी। चौकी इंचार्ज ने उन्हें खाना ऑफर किया लेकिन उन्होंने वहां से गुजर रहे एक आइसक्रीम के ठेले की तरफ इशारा किया। चौकी प्रभारी ने उनको आइसक्रीम और बाद में बर्गर भी खिलाया। रात करीब 10 बजे उनको अपनी कार से घर तक भी छोड़ा। वापस जाते समय शिंग फू ने टूटी-फूटी हिंदी में कुंतल को धन्यवाद देते हुए भारतीय पुलिस और भारतवासियों की भी तारीफ की।
6 किलोमीटर दूर तक निकल गए थे शिंग फू
ट्रांसलेटर की मदद से शिंग फू ने बताया कि वह रात आठ बजे दफ्तर से अपने घर आ गए थे। घर आने के बाद उनको पता चला कि उनका मोबाइल और पर्स खो गया है। वह पैदल ही मोबाइल व पर्स की तलाश में निकल गए। उनको पता ही नहीं चला वह कब रास्ता भटक गए और कासना के जंगल में पहुंच गए। शिंग फू ने बताया कि वह एक घंटे तक भटकते रहे और अंत में थक कर पेड़ के नीचे बैठ गए थे। उप निरीक्षक कोमल कुंतल बताया कि वीवो कंपनी से निकलते समय उन्होंने जो स्थान बताया था वहां से जंगल की दूरी करीब 6 किलोमीटर है।