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जंगल में पेड़ के नीचे बैठकर रो रहा था चीनी नागरिक शिंग फू, पुलिस ने बचाया तो कहा-थैंक्यू इंडिया

Wed, 15 May 2019 10:57 PM IST
vivek shukla न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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चीनी कर्मचारी शिंग फू
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वीवो कंपनी में कार्यरत एक चीनी कर्मचारी शिंग फू के लिए ग्रेटर नोएडा पुलिस मंगलवार रात फरिश्ता बनकर पहुंची। कंपनी से आते समय अपना मोबाइल और पर्स कहीं भूलने के बाद शिंग फू रास्ता भी भटक गए और गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी (जीबीयू) के पास जंगलों में पहुंच गए। इस दौरान वहां से गश्त पर निकले उप निरीक्षक कोमल कुंतल ने पेड़ के नीचे बैठकर रो रहे चीनी नागरिक की मदद कर उन्हें घर पहुंचाया। खास बात यह थी कि शिंग फू को न तो अंग्रेजी और न ही हिंदी आती थी। चौकी प्रभारी ने मामले में एक ट्रांसलेटर की मदद से उन्हें घर पहुंचाया।

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कासना कोतवाली के एडब्ल्यूएचओ चौकी प्रभारी कोमल कुंतल गश्त के दौरान जंगल के पास से गुजर रहे थे। उन्होंने देखा कि पसीने से लथपथ चीनी नागरिक पेड़ के नीचे बैठ कर रो रहा है। चौकी प्रभारी कोमल ने उनको लेकर जंगल से सड़क पर पहुंचे। इसके बाद उनसे जानकारी करने का प्रयास किया, लेकिन उनकी भाषा चौकी इंचार्ज के समझ में नहीं आ रही थी। 

इसके बाद चौकी प्रभारी ने हाल ही में एक मामले में मिले चीनी भाषा के जानकार को फोन किया। ट्रांसलेटर ने दोनों के बीच भाषा का समन्वय बैठाया और उनके घर का पता हिंदी में चौकी इंचार्ज को बताया। ट्रांसलेटर ने बताया कि चीनी नागरिक का नाम शिंग फू है और वह वीवो कंपनी में कार्यरत है। पर्स, मोबाइल ढूंढने के दौरान वह रास्ता भटक गए और जंगल में चले गए। 

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चौकी इंचार्ज ने खिलाया बर्गर और आइसक्रीम

घर से निकलने के बाद शिंग फू रास्ता भटककर करीब एक घंटे चलते रहे। इस दौरान उन्हें भूख भी लगने लगी। चौकी इंचार्ज ने उन्हें खाना ऑफर किया लेकिन उन्होंने वहां से गुजर रहे एक आइसक्रीम के ठेले की तरफ इशारा किया। चौकी प्रभारी ने उनको आइसक्रीम और बाद में बर्गर भी खिलाया। रात करीब 10 बजे उनको अपनी कार से घर तक भी छोड़ा। वापस जाते समय शिंग फू ने टूटी-फूटी हिंदी में कुंतल को धन्यवाद देते हुए भारतीय पुलिस और भारतवासियों की भी तारीफ की। 

6 किलोमीटर दूर तक निकल गए थे शिंग फू
ट्रांसलेटर की मदद से शिंग फू ने बताया कि वह रात आठ बजे दफ्तर से अपने घर आ गए थे। घर आने के बाद उनको पता चला कि उनका मोबाइल और पर्स खो गया है। वह पैदल ही मोबाइल व पर्स की तलाश में निकल गए। उनको पता ही नहीं चला वह कब रास्ता भटक गए और कासना के जंगल में पहुंच गए। शिंग फू ने बताया कि वह एक घंटे तक भटकते रहे और अंत में थक कर पेड़ के नीचे बैठ गए थे। उप निरीक्षक कोमल कुंतल बताया कि वीवो कंपनी से निकलते समय उन्होंने जो स्थान बताया था वहां से जंगल की दूरी करीब 6 किलोमीटर है। 
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