जबकि फैक्ट्री एक्ट-1948 के मुताबिक, 15 वर्ष तक बच्चे की उम्र रखी गई है। ऐसे में कई तरह की परिभाषाएं निकलकर सामने आ रही हैं। वकील मुकेश के मुताबिक, आईपीसी में ही लड़कियों की उम्र का निर्धारण 16 वर्ष किया गया है जबकि भारतीय जनसंख्या गणना में 14 वर्ष से कम को नाबालिग करार दिया गया है।
कानून के जानकारों का मानना है कि बच्चों की परिभाषा को अलग-अलग तरह से परिभाषित किए जाने से कई बार कठिनाइयां सामने आ जाती हैं। ऐसे में इन्हें आयु के आधार पर एकसमान करने की आवश्यकता है।