रामलीला मैदान में सोमवार को 50 से अधिक बच्चों ने भूख हड़ताल की। इन बच्चों में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओड़िसा, केरल, तमिलनाडु, गोवा और असम आदि राज्यों के बच्चे शामिल हैं।
यूक्रेन में एमबीबीएस करने वाले बच्चों के अभिभावकों ने अपने चेहतों के भविष्य पर लटकी तलवार को दूर कराने के लिए कमर कसी। उन्होंने पेरेंट्स एसोसिएशन ऑफ यूक्रेन एमबीबीएस स्टूडेंट इंडिया बनाकर उसके बैनर तले आंदोलन शुरू किया है। इस लड़ाई में उनके साथ उनके बच्चे भी शामिल हैं और उन्होंने अपने भविष्य पर छाई काली छाया को दूर कराने के लिए रामलीला मैदान में पांच दिवसीय भूख हड़ताल शुरू कर दी।
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रामलीला मैदान में सोमवार को 50 से अधिक बच्चों ने भूख हड़ताल की। इन बच्चों में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओड़िसा, केरल, तमिलनाडु, गोवा और असम आदि राज्यों के बच्चे शामिल हैं।
एसोसिएशन के आरबी गुप्ता ने कहा कि यूक्रेन में अभी बच्चों को भेजने वाले हालात नहीं हैं और वहां के संस्थान बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा दे रहे हैं। उनके बच्चे भविष्य के डाक्टर हैं और ऑनलाइन शिक्षा डाक्टरों के लिए अच्छी नहीं है। इस कारण सभी बच्चों को भारतीय मेडिकल कॉलेज में समायोजित किया जाए। केंद्र सरकार को इस दिशा में पहल करनी चाहिए, क्योंकि उसकी पहल पर ही ऑपरेशन गंगा के तहत यूक्रेन से बच्चे भारत आए थे।