ईमानदारी, अनुशासन और बड़ों के सम्मान का पाठ पढ़ाने के लिए कार्ययोजना बनाने के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी के स्कूलों में अब बच्चों को पढ़ाई के साथ संस्कारों की शिक्षा भी दी जाएगी। इस दिशा में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने हेतु पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित की गई है। यह समिति स्कूलों में संस्कारों को शिक्षा और दैनिक गतिविधियों का हिस्सा बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार करेगी। समिति को एक महीने के भीतर अपनी सिफारिशें देनी होंगी।
शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा ने बताया कि शिक्षा के साथ संस्कार-बेहतर भविष्य का आधा' पहल शुरू की है। इसके तहत एमसीडी के प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ अच्छे व्यवहार, नैतिकता और सामाजिक सरोकारों से जोड़ा जाएगा। संस्कारों की शिक्षा को स्कूली गतिविधियों से जोड़ने के लिए समिति विभिन्न उपाय सुझाएगी। इनमें प्रार्थना सभा, बाल सभा, खेलकूद और सामुदायिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में अच्छे व्यवहार और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना शामिल है।
विद्यार्थियों को ईमानदारी, विनम्रता और शिक्षकों का सम्मान करने के लिए प्रेरित करने की योजना बनाई जाएगी। स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा जैसे विषयों को भी विद्यालयी गतिविधियों में शामिल करने के सुझाव दिए जाएंगे। महापुरुषों के जीवन और प्रेरक कहानियों पर आधारित शिक्षण सामग्री तैयार करने पर भी समिति विचार करेगी।
समिति में शिक्षाविद एवं सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य गोविंद राम अग्रवाल, कुलदीप चौहान, इंद्रा शर्मा, विदुषी शर्मा और गजे सिंह को शामिल किया गया है। शिक्षा विभाग के उप निदेशक अनिल कुमार विभागीय समन्वयक और मुख्यालय के शैक्षिक समन्वयक कुमार अखिलेश सहयोग करेंगे।