उधार के 1.10 लाख रुपये वापस नहीं मिलने पर ममूरा निवासी रामविलास ने पूर्व सहकर्मी सुदीप शुक्ला के छह साल के बेटे को अगवा कर लिया। पुलिस ने पीड़ित के संदेह और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहीं, दो दिन बाद बच्चे को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया।
बिसरख कोतवाली प्रभारी मनोज पाठक ने बताया कि शाहबेरी गांव निवासी सुदीप शुक्ला ने 12 मार्च को पांच साल के बेटे अंश के अपहरण की शिकायत दी थी। पीड़ित ने बताया था अंश 11 मार्च की शाम घर के बाहर खेलने के दौरान लापता हुआ है।
सुदीप ने बताया था कि उसने भतीजे रवि को ममूरा निवासी रामविलास से 1.60 हजार रुपये दिलाए थे। 50 हजार उसने लौटा दिए थे। शेष रुपयों की मांग के लिए 11 मार्च को रामविलास उसके घर आया था। उसने उधार के रुपयों की मांग की थी और धमकी देकर गया था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की।
सीसीटीवी से मिली मदद
सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल से पता चला कि रामविलास ही अंश को लालच देकर अगवा कर ले गया है। पुलिस ने दबिश देकर बच्चे को मामूरा गांव स्थित एक कमरे से बरामद किया और रामविलास को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी यहां किराये पर रहता है। पुलिस ने बताया कि रामविलास और सुदीप दोनों पहले एक ही कंपनी में काम करते थे। सुदीप ने ही भतीजे को रुपये दिलाए थे और उसकी गारंटी भी ली थी। हालांकि, बंधक बनाकर रखे बच्चों को उसने चॉकलेट आदि भी खाने को दी।