हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से मारपीट मामले में विधायक प्रकाश जरवाल की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह तीसरी बार है जब विधायक ने जमानत के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निवास पर 19 फरवरी की बैठक में मारपीट करने का आरोप है।
दिलचस्प बात है कि दिल्ली पुलिस की पैरवी कोन करेगा इस मुद्दे को लेकर फिर विवाद हो गया है। दरअसल जब भी कोई आप विधायक के खिलाफ मामला आता है तो दिल्ली पुलिस दिल्ली सरकार के वकील की अपेक्षा विशेष वकील या फिर शिकायतकर्ता को जानकारी देती है। ऐसे में दिल्ली पुलिस की ओर से पैरवी में हमेशा परेशानी आती है।
न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की तरफ से कोर्ट में मौजूद दिल्ली स्टेट के स्टैंडिंग काउंसिल राहुल मेहरा ने बताया कि पुलिस केस को लेकर मुझे नहीं शिकायतकर्ता के वकील सिद्धार्थ लुथरा को ब्रीफ कर रही है। ऐसे में मुझे केस के बारे में पूरी जानकारी नहीं है। लेकिन न्यायमूर्ति गुप्ता ने स्पष्ट किया कि अदातल ने स्टेट काउंसिल को नोटिस किया है और हम आपको ही सुनेंगे। कोर्ट ने पुलिस को 7 मार्च तक अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है।
27 फरवरी को तीस हजारी कोर्ट के सेशन जज व 23 फरवरी को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विधायक को जमानत देने से इनकार कर चुके हैं। फिलहाल मामले में गिरफ्तार दोनों विधायक अमानतुल्लाह खान व प्रकाश जरवाल न्यायिक हिरासत में मंडोली जेल में बंद हैं।