निरीक्षण : भवन की जर्जर स्थिति, खराब एयर कंडीशनर, टूटे फर्श, गंदे शौचालय और अपर्याप्त रोशनी पर अधिकारियों को लगाई फटकार
कहा-नागरिकों का अपमान बर्दाश्त नहीं, एक सप्ताह बाद फिर जांच करूंगी, होगी कठोरतम कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शुक्रवार को रोहिणी सेक्टर-16 स्थित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचीं तो वहां की अव्यवस्था देखकर नाराज हो उठीं। अंबेडकर भवन में संचालित राजस्व विभाग के ई-सब-रजिस्ट्रार कार्यालय (मॉडल टाउन, पीतमपुरा और रोहिणी) के निरीक्षण के दौरान उन्होंने भवन की जर्जर स्थिति, खराब एयर कंडीशनर, टूटे फर्श, गंदे शौचालय और अपर्याप्त रोशनी पर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन कार्यालयों में लोग संपत्ति और जरूरी दस्तावेजों से जुड़े काम कराने आते हैं, वहां इस तरह की बदहाल व्यवस्था किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद नागरिकों से बातचीत भी की। लोगों ने उन्हें घंटों इंतजार, बैठने की समुचित व्यवस्था न होने और टोकन सिस्टम के अभाव जैसी समस्याओं से अवगत कराया। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि आखिर वर्षों से कार्यालय की स्थिति इतनी उपेक्षित क्यों बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों, महिलाओं और आम नागरिकों को सम्मानजनक और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। इसमें लापरवाही बरतने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी।
कहा-इसे केवल चेतावनी न समझा जाए...सुधार कीजिए
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर भवन की मरम्मत, साफ-सफाई, एसी दुरुस्त कराने और पर्याप्त बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इसे केवल चेतावनी न समझा जाए, बल्कि तय समय में सुधार नहीं होने पर कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही प्रत्येक कार्यालय के लिए एक जिम्मेदार अधिकारी या केयरटेकर नियुक्त करने के निर्देश दिए, जो रोजमर्रा की सुविधाओं की निगरानी करेगा।
जानबूझकर देरी करने की शिकायत पर होगी कार्रवाई
दफ्तर में पड़े कबाड़ और अव्यवस्थित रिकॉर्ड रूम को देखकर मुख्यमंत्री ने राजस्व अभिलेखों की सुरक्षा और डिजिटलीकरण को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया। उन्होंने भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और जानबूझकर की जाने वाली देरी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसी किसी भी शिकायत पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
व्यवस्था की समीक्षा के लिए औचक निरीक्षण करूंगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी दफ्तर जनता की सेवा के केंद्र होने चाहिए न कि लोगों को परेशान करने की जगह। उन्होंने पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त सेवाओं को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए एक सप्ताह के भीतर सुधार कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए वह स्वयं दोबारा औचक निरीक्षण करेंगी।