मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को उच्च शिक्षा में लोन के लिए ऑनलाइन ऐप्लीकेशन पोर्टल (स्टूडेंटलोन.देलही.जीओवी.इन) लांच किया। दिल्ली सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में केजरीवाल ने छात्रों से कहा, हमने चुनाव में वादा किया था कि छात्रों को फीस भरने की दिक्कत के कारण पढ़ाई नहीं छोड़नी पड़ेगी। अच्छी शिक्षा देने की जिम्मेदारी अच्छी सरकार की है। अभी तक 12वीं तक की सरकारी स्कूल में शिक्षा खराब थी। सुधार के लिए सब कुछ किया जा रहा है।
केजरीवाल ने स्वीकार किया कि पिछले साल स्कीम एनाउंस तो कर दिया, लेकिन पहला साल होने से कई बाधाएं आईं। इसलिए वेबसाइट पर फार्म की सुविधा दे रहे हैं। छात्र अपने लिए बैंक की ब्रांच भी खुद चुन सकते हैं। बैंकों को छात्र के मां-बाप की आर्थिक स्थिति से क्या लेना-देना है, जब लोन की गारंटी सरकार दे रही है। ऐसे में रिकवरी भी आसानी से होगी। सरकार युवाओं पर यकीन कर रही है क्योंकि 99.99 फीसदी लोग वास्तव में ईमानदार होते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें उम्मीद है कि दो-तीन साल में शिक्षा व्यवस्था इतनी अच्छी हो जाएगी कि सरकारी स्कूलों में भेजने में लोग गर्व करेंगे। अभी अमीर आदमी प्राइवेट और गरीब आदमी सरकारी स्कूल में भेजता है। यहीं अंतर शुरू हो जाता है।