पोर्टल पर पैनल लगाने के लिए सभी जानकारियां दी गईं हैं। नेट मीटरिंग और सब्सिडी के लिए आवेदन भी पोर्टल से किया जा सकेगा। उपभोक्ताओं को इसके लिए किसी दफ्तर में जाने की जरूरत नहीं होगी। घरेलू बिजली उपभोक्ता जरूरत से ज्यादा सोलर ऊर्जा पैदा करेंगे, उन्हें सरकार की तरफ से 3 रुपये प्रति यूनिट की दर से उत्पादन आधारित प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
वहीं, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि अतिरिक्त सोलर ऊर्जा पैदा करने वाले उपभोक्ताओं को तीन किलोवाट तक के सोलर प्लांट के लिए तीन रुपये प्रति यूनिट और 10 किलोवाट तक के प्लांट के लिए 2 रुपये प्रति यूनिट की दर से भुगतान किया जाएगा। ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों को भी पैनल लगाने पर 2 रुपये प्रति यूनिट की दर से उत्पादन आधारित प्रोत्साहन मिलेगा। वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को 1 रुपये प्रति यूनिट की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
एक किलोवाट के प्लांट से करीब 100 यूनिट बिजली पैदा होती है और लागत 40,000-60,000 रुपये प्रति किलोवाट आती है। 3 किलोवाट के सोलर प्लांट लगाने पर राष्ट्रीय स्तर पर 78,000 रुपये की सब्सिडी दी जाती है। दिल्ली सरकार 5 किलोवाट तक के लिए 2,000 रुपये प्रति किलोवाट की अतिरिक्त सब्सिडी देगी।