आम आदमी पार्टी के आला नेताओं के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी खुद के नजरबंद होने का दावा किया। केजरीवाल ने कहा कि वह मुख्यमंत्री बन कर नहीं, बल्कि एक आम आदमी बनकर मंगलवार सिंघु बॉर्डर जाना चाहते थे।लेकिन पुलिस ने उनको जाने नहीं दिया। स्टेडियम को स्थाई जेल बनाने की पुलिस की मांग को इंकार करने की बात दोहराते हुए केजरीवाल ने कहा कि इस फैसले से आंदोलन को बहुत मदद मिली है। वहीं, दिल्ली सरकार से केंद्र सरकार नाराज है। केंद्र सरकार नहीं चाहती कि वह किसानों के बीच जाकर उनका समर्थन करें।
अरविंद केजरीवाल ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार जल्द से जल्द किसानों की सारी मांगे मानेगी और एमएसपी पर कानून बनाएगी। इससे किसानों को कड़ाके की ठंड में और ज्यादा नहीं बैठना पड़ेगा। केजरीवाल ने आप कार्यकर्ताओं से अपील की कि वह राजनीति से उपर उठ कर किसानों की मदद करें। सेवा भाव से जब तक किसान बैठे हैं, सबको उनकी सेवा करनी है।
इससे पहले मुख्यमंत्री आवास पर काफी कहा-सुनी के बाद आप मंत्रियों, विधायकों समेत दूसरे कार्यकर्ताओं की अरविंद केजरीवाल से मुलाकात हो सकती। केजरीवाल ने इसके बाद पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इस मौके पर बोलते हुए केजरीवाल ने कहा कि सिंघु बॉर्डर जाने का आज उनका भी मन था। इसकी योजना भी उन्होंने तैयार की थी।
अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, मेरी योजना थी कि थोड़ी देर के लिए मुख्यमंत्री बन कर नहीं, बल्कि एक आम आदमी बनकर के बॉर्डर पर जाऊंगा और आधा-पौना घंटा समर्थन देने के लिए और एकजुटता जाहिर करने के लिए किसानों के साथ बैठूंगा। लेकिन उन लोगों को इस बारे में पता चल गया और जाने नहीं दिया। लेकिन कोई बात नहीं, मैं अपने घर पर बैठ कर ही भगवान से प्रार्थना कर रहा था कि यह आंदोलन देश का आंदोलन है और यह सफल हो।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनको अन्ना आंदोलन याद आ गया। उस समय भी इन लोगों ने बड़े-बड़े स्टेडियमों को जेल बनाया था। आज अगर किसानों को जेल में डाल देते थे और आंदोलन को कमजोर कर देते। इसके लिए अपने ऊपर दबाव पड़ने की बात करते हुए केजरीवाल ने कहा कि कई फोन आए, लेकिन उन्होंने ठान लिया था कि आप व उनकी सरकार किसानों के साथ हैं। स्टेडियम को जेल बनाने की अनुमति नहीं दी गई। अरविंद केजरीवाल को कहा कि किसानों का जो भी नागरिक सुविधाएं व समर्थन दिया गया, उससे केंद्र सरकार बहुत नाराज है। अब दो दिन इन लोगों ने कोशिश की कि किसी भी तरह से केजरीवाल बाहर न निकल सके।
किसानों की मांगे पूरी करने की केंद्र से अपील
अरविंद केजरीवाल ने उम्मीद जताई कि मंगलवार शाम व बुधवार की बैठक में केंद्र सरकार किसानों की जो भी मांगे हैं, उन सारी मांगों को मानेगी। केंद्र सरकार कह रही है कि जो भी कानून पास किया है, वो किसानों के हित में है। जबकि किसान बता रहे हैं कि बिल उनके हित में नहीं है। अगर किसान कह रहे हैं कि बिल हमारे हित में नहीं है, तो इसे वापस ले लो। केंद्र सरकार जल्द से जल्द किसानों की सारी बातें मानेगी। एमएसपी पर कानून बनाएगी, ताकि हमारे किसानों को और ज्यादा दिन कड़कड़ाती ठंड में ना बैठना पड़े।